कांगड़ा (एकता): पुराने समय में राजा-महाराजाओं की पहचान वाले हमारे भारत में किलों की कोई कमी नहीं है। हिमाचल में एक ऐसा ही किला है जो भारत में मौजूद किलों में सबसे पुराना और रहस्यमय माना जाता है।

इसे कांगड़ा किले के नाम से जाना जाता है, जो 463 एकड़ में फैला हुआ है। इस किले की खासियत यह है कि इसे आज तक कोई भी नहीं जान पाया।
जानिए किस राजा ने किया था किले पर कब्जा
धर्मशाला से लगभग 20 किमी दूर कांगड़ा शहर के बाहरी इलाके में स्थित, कांगड़ा किला भारत के सबसे पुराने किलों में से एक है। 1615 ईस्वी में मुगल सम्राट अकबर ने इस किले को जीतने के लिए घेराबंदी की थी, लेकिन वो इसमें असफल रहा। इसके बाद 1620 ईस्वी में अकबर के बेटे जहांगीर ने चंबा के राजा को मजबूर करके इस किले पर कब्जा किया था।

महाराजा सुशर्मा चंद्र ने बनवाया था यह किला
3,500 साल पहले कटोच वंश के महाराजा सुशर्मा चंद्र ने कांगड़ा का किला बनवाया था। एक बार युद्ध खत्म होने के बाद वह अपने सैनिकों के साथ कांगड़ा चले गए थे। कांगड़ा किले के बारे में एक दिलचस्प बात यह है कि इसमें जो कोई भी अंदर जाता था, उसे गार्ड द्वार सिर काटने की इजाजत दी हुई थी। किले में 11 द्वार और 23 गढ़ हैं। मुख्य मंदिर के द्वार के ठीक बाहर सबसे प्रमुख रक्षा द्वार है। यह 7 मीटर लंबा और चौड़ा है।
कांगड़ा किला में जाने का रास्ता
यह रहस्यमयी किला कांगड़ा घाटी से 14 किमी दूर स्थित है। दिल्ली से धर्मशाला के लिए फ्लाइट लें और फिर किले तक पहुंचने के लिए टैक्सी किराए पर ले सकते हैं। इस किले तक पहुंचने में लगभग 13 घंटों का समय लगता है।

