संजु चौधरी, शिमला: सरकारी व्यवस्थाओं के चक्कर काट कर थका हारा प्रदेश वासी जब अपनी व्यथा लेकर बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री के पास सचिवालय पहुंचा, तो उसकी व्यथा सुन स्वास्थ्य मंत्री का भी दिल पसीज गया। स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल्य मौके पर पीड़ित की व्यथा सुनी और अधिकारियों को इस परिवार की सहायता करने के लिए रास्ता खोजने के निर्देश दिए। मामला जिला शिमला के चौपाल उप-मंडल का हैं। चौपाल के नेरवा इलाके के थरोच गांव के रहने वाले रमेश कुमार लंबे समय से अपने हक के लिए सरकारी सहायता के लिए जूझ रहे हैं।
जगह-जगह चक्र काटने के बाद भी जब उन्हें किसी तरह की कोई उम्मीद नहीं रही तो सब्र का बांध टूटा तो ओर कुछ लोगों की सहायता से वह सचिवालय पहुंचे।यहां पहुंच क स्वास्थ्य मंत्री को अपनी व्यथा बताई। कुछ ऐसा ही हाल उसी गांव की रहने वाली एक महिला का भी हैं। पीड़ितों ने बीएमओ नेरुआ पर सहयोग ना करने का भी आरोप लगाया।
चौपाल के थरोच गांव के रहने वाले रमेश कुमार ने एक हादसे में अपने पांव गवा दिए हैं। रमेश चलने में असमर्थ हैं। घर में किसी तरह का कोई रोजगार नहीं हैं लेकिन कंधों पर चार बच्चों की जिम्मेवारी हैं। ऐसी परिस्थितियों में जब रमेश ने सरकार का दरवाजा खटखटाया तो सिर्फ दफ्तरों के चक्कर नसीब हुए। सरकारी सहायता के लिए ढेर सारे कागज जमा किए, लेकिन महीनों बाद भी कुछ हासिल नहीं हुआ। ऐसी स्थिति से जूझ रहे लोगों के लिए सहारा योजना के जरिए पेंशन दी जाती हैं। रमेश कुमार ने कागजी कार्रवाई तो की लेकिन पेंशन नहीं मिल पाई। बेबसी की स्थिति में रमेश कुमार और उन्हीं के गांव से संबंध रखने वाली पीड़ित महिला भीम आर्मी की मदद से सचिवालय पहुंचे और स्वास्थ्य मंत्री से मदद की गुहार लगाई।
रमेश कुमार ने बताया कि उन्हें उठाने बिठाने में दो लोगों की मदद लगती हैं। घर से कोई रोजगार में भी नहीं हैं। कंधों पर 4 बच्चों की जिम्मेवारी हैं, ऐसे में हम अपनी गुहार लेकर स्वास्थ्य मंत्री के पास पहुंचे हैं और उनसे मदद की गुहार लगाई हैं। रमेश कुमार ने बीएमओ नेरवा पर भी सहयोग न करने के आरोप लगाए। कुमार ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के दौरान भी उन्होंने मदद की गुहार लगाई लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला,अब नई सरकार से उम्मीद लगाए हैं। रमेश कुमार सचिवालय पहुंचे और स्वास्थ्य मंत्री से मिलने के बाद मदद मिलने की उम्मीद जताई हैं।
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने मौके पर पीड़ित व्यक्ति और महिला की व्यथा सुनी। धनीराम शांडिल ने मौके पर अधिकारियों को पीड़ित व्यक्तियों को मदद करने के लिए रास्ता खोजने के निर्देश दिए हैं। मौके पर उपस्थित अधिकारियों ने भी सहारा योजना से पेंशन मिलने का जिक्र किया। धनीराम शांडिल ने पीड़ित लोगों को जल्द से जल्द सुविधा उपलब्ध करवाने की बात कही साथ ही बीएमओ नेरवा को भी हिदायत दी जाने की बात कही हैं।
