अनिल कुमार,किन्नौर: जनजातीय ज़िला किन्नौर के चौरा की पहाड़ियों में अभी कुछ दिन पहले ही भूस्खलन संकलन होने से एनएच 5 कई घंटों तक अवरुद्ध रहा था। प्रशासन की ओर से कड़ी मशक्कत के बाद NH-5 को बहाल कर दिया गया हैं लेकिन यहां अभी भी भूस्खलन का खतरा बना हुआ हैं। इस जगह पर पहाड़ियों पर कई पत्थर लटके हुए हैं तो वहीं कई पेड़ भी ढलान पर गिरने की कगार पर हैं। ऐसे में अगर यहां भूस्खलन होता है तो इससे भारी नुकसान है होने का खतरा बना हुआ हैं।
चौरा के स्थानीय लोगों की ओर से पहाड़ों से गिरने वाली चट्टानों वह लटके हुए पेड़ों व पत्थरों और मलबे की वीडियो बनाई गई है इस वीडियो से यह साफ तौर पर नजर आ रहा है कि यहां अभी भी बड़े स्तर पर भूस्खलन का खतरा बना हुआ हैं। कभी भी पहाड़ों से खिसक कर यह मलवा और चट्टानें एनएच 5 पर आ सकती हैं जिससे कोई बड़ा नुकसान होने के साथ ही एनएच 5 भी गिर सकता हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से मौके पर बड़ी बड़ी मशीनरियों को तैनात किया गया है ताकि सड़क पर गिरने वाले मलवे व चट्टानों को हटाया जा सके और NH-5 की बहाली होती रहे।
ज़िला में करीब 9 दिन बारिश हुई जिसके चलते पहाड़ो से चट्टानों के खिसकने के साथ मलवा गिरने का सिलसिला जारी हैं। यही वजह भी हैं कि NH-5 कई बार अवरुद्ध हुआ हैं,ऐसे में प्रशासन की ओर से पर्यटकों व स्थानीय लोगों को सावधानी बरतने की भी सलाह दी गई हैं ताकि पहाड़ों से होने वाले भूस्खलन से किसी के जानमाल का नुकसान न हो।
