अरविंदर सिंह,हमीरपुर: प्रदेश में इस बार बारिश और बर्फबारी कम होने से गर्मियों के मौसम में सूखा पड़ने की संभावना बढ़ गई हैं। ऐसी स्थिति में हमीरपुर जिला उपायुक्त की ओर से सभी विभागों को सूखे की स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। उपायुक्त देबश्वेता बनिक ने जल शक्ति विभाग, कृषि,बागवानी, पशुपालन, स्वास्थ्य, वन, राजस्व और अन्य विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे जिला में कम बारिश और आने वाले समय में सूखे जैसी स्थिति से निपटने के लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दें।
बता दे कि हमीरपुर जिला में सामान्य से 25 प्रतिशत कम बारिश रिकार्ड होने के कारण सूखे की स्थिति बनी हुई हैं। हालांकि स्थिति अभी गंभीर नहीं हुई है फिर भी जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्य सचिव ने भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश स्तरीय बैठक के बाद जिला के अधिकारियों को अपने-अपने जिला में सूखे की स्थिति से निपटने के संबंध में सोमवार को बैठक की थी और निर्देश दिए थे कि अपने जिला की तैयारियों को अमली जामा पहनाया जाए।
उपायुक्त देवश्वेता बनिक ने बताया कि इस बार जिला हमीरपुर में सर्दी के सीजन में बहुत ही कम बारिश हुई हैं। इससे जिले के जलस्रोतों, पेयजल योजनाओं, कृषि, बागवानी और अन्य संबंधित क्षेत्रों के प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई हैं। उपायुक्त ने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे सभी पेयजल योजनाओं की ताजा स्थिति पर नजर रखें ओर जलस्रोतों की नियमित रूप से सफाई एवं पानी की सैंपलिंग,टेस्टिंग सुनिश्चित करें। अगर किसी पेयजल योजना में पानी की कमी हो जाती है तो वैकल्पिक व्यवस्थाओं या अन्य स्कीमों से पानी की आपूर्ति की संभावना तलाश करें।
उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत जिन स्कीमों के कार्य अंतिम चरण में हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें, ताकि लोगों को तत्काल पर्याप्त पेयजल उपलब्ध करवाया जा सके। उपायुक्त ने कहा कि पानी की कमी के कारण कई बार लोग प्राकृतिक जलस्रोतों का रुख भी करते हैं। देबश्वेता बनिक ने कहा कि गर्मियों में वनों में आग की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए वन विभाग के अधिकारी अग्निशमन विभाग तथा स्थानीय पंचायत जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित करें।
