मंडी : धर्मवीर -वीरवार को हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने 10वीं कक्षा की परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। मंडी जिला के 8 होनहारों ने टॉप 10 में अपनी जगह बनाई है। जिला में एक बार फिर हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के परीक्षा परिणाम में बेटियो का दबदबा रहा है। मंडी जिला के इन 8 होनहार छात्रों में 7 बेटियां शामिल हैं।
शिक्षक की बेटी ने संजोया डाक्टर बनने का सपना
सरस्वती विद्या मंदिर हाई स्कूल बगस्याड़ की पूर्वशीं ने 8वें रैंक के 98.14 प्रतिशत अंक लेकर बेहतर प्रदर्शन किया है। पूर्वशीं के पिता अनिल ठाकुर रावमापा थुनाग में शिक्षक के पद पर तैनात है। उन्होने बताया कि पूर्वशीं के अलावा उनका एक बेटा जो छठी कक्षा में पढ़ता है। पूर्वशीं की जमा एक कक्षा की एडमिशन नेरचैक के एक शिक्षण संस्थान में ली गई है। पूर्वशीं ने कहा कि उसका सपना डाक्टर बन लोगों की सेवा करना है। वह अपने इस लक्ष्य को हासिल करने में दिन रात जुट गई है। सरस्वती विद्या मंदिर हाई स्कूल बगस्याड़ के मुख्याध्यापक उपेंद्र कुमार व उनके स्टाफ के तमाम सदस्यों ने पूर्वशीं द्वारा किए गए शानदार प्रदर्शन को लेकर उसे बधाई देकर उज्जवल भविष्य की कामना की है।
डॉक्टर बनना चाहती है करसोग क्षेत्र की मान्याः
करसोग श्रेत्र से आने वाली राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पांगणा में अध्ययनरत मान्या व.ने खुद के जन्मदिन पर ‘मां’ को अनमोल तोहफा दिया है। तीन साल की उम्र में पिता धर्मपाल महाजन को खो चुकी बेटी मान्या ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी दसवीं के परीक्षा परिणाम की मेरिट सूची में 8वां स्थान प्राप्त किया है। मान्या की मां अरुणा महाजन ने फोन पर बातचीत के दौरान बताया कि मान्या ने डॉक्टर बनना चाहती है है। उन्होंने बताया कि मान्या इस समय मेडिकल की पढ़ाई जिला शिमला से कर रही हैं। उन्होंने बताया कि जुड़वां बहनों की सफलता में चाचा-चाची का भी अमूल्य योगदान है। चाचा-चाची गणित विषय में स्कूल लेक्चरर हैं। परिवार संयुक्त रूप से ही रहता है।
इंजीनियर बनना चाहती है जोगिंदर नगर की वानाकाः
आदर्श राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक कन्या पाठशाला जोगिंदर नगर की छात्रा वानिका ने मेरिट में नौवां स्थान प्राप्त किया है। वानिका ने 700 अंकों में से 686 अंक प्राप्त कर मेरिट में स्थान पाया है। वानिका ने 98% अंक प्राप्त किए हैं । वह आगे जाकर इंजीनियर बनना चाहती है। उसके पिता पेशे से ड्राइवर है जबकि माता एक गृहणी हैं।
डॉक्टर बनकर देश की सेवा करेगी धर्मपुर की रिजूल ठाकुरः
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हयुण पैहड की छात्रा रिजुल ठाकुर ने 700 में से 685 अंक लेकर पाठशाला का ही नहीं बल्कि अपने माता पिता व पुरे धर्मपुर क्षेत्र का नाम रोशन किया है । रिजुल के पिता राजकुमार ठाकुर वायो के प्रवक्ता हयुण पैहड में है और माता मंजू देवी गृहणी है तथा भाई अभी छोटा है । रिजुल ठाकुर के पिता राजकुमार ठाकुर व माता मंजू देवी ने बताया कि उनकी बेटी जब छोटी थी तभी से वह डाक्टर बनना चाहती थी और पढ़ाई में हमेशा अव्वल रही है इसके साथ उन्होंने शुटिंग में गोल्ड मेडल हासिल किया है और चैस व वैडमिंटन में भी अपनी पाठशाला का नेतृत्व किया है । उन्होंने बताया कि वह घर पर भी अपनी पढ़ाई के प्रति पुरी लग्न से रहती थी और ज्यादातर समय अपनी पढ़ाई पर फोकस करती थी। उन्होंने कहा कि उन्हें यह पुरा विश्वास था कि इस बार उनकी बेटी अवश्य ही कोई मुकाम हासिल करेगी और जब आज परीक्षा परिणाम सामने आया तो इस परिणाम ने उन्हें खुशी दे दी । जब इस बारे में रिजुल ठाकुर से बात की तो उन्होंने कहा कि वह अपनी इस उपलब्धी का सारा श्रेय अपने माता पिता व अपने गुरूजनों को देती है जिनके मार्गदर्शन से उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है । उन्होंने कहा कि वह डाक्टर बनकर देश की सेवा करनी चाहती है और इसके लिए हमीरपुर में नीट की कोचिंग ले रही है । उन्होंने कहा कि अगर उनके माता पिता का साथ व गुरूजनों का साथ नहीं होता तो वह इस मुकाम को हासिल नहीं कर सकती थी ।
प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती है पलक शर्माः
उपमंडल सरकाघाट के सनराइज पब्लिक स्कूल की छात्रा पलक शर्मा ने हाल ही में घोषित स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा संचालित परीक्षा में प्रदेश भर में 10वां स्थान प्राप्त कर 97.87% अंक लेकर अपने माता पिता और गुरुजनों का नाम रोशन किया है। पलक शर्मा के पिता सुरेश कुमार विदेश में इंजीनियर हैं और माता गृहणी है। पलक का सपना प्रशासनिक सेवा में जाने का है। पलक ने बताया कि वह प्रतिदिन छः से सात घंटे तक पढ़ाई करती थी। उसने कहा कि वह आगे चल कर निर्धन वर्ग को न्याय दिलाना चाहती है। उसने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता पिता और गुरुजनों को दिया है। उन्होंने उसके उज्जवल भविष्य की कामना की है।
बल्ह क्षेत्र के मॉडल हाई टेक मॉडल स्कूल रावपली की छात्रा दीपशिखा ने हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड के दसवीं के परीक्षा परिणाम में 10वां रैंक हासिल किया है। दीपशिखा ने 92.86 प्रतिशत के साथ 685 अंक प्राप्त किए हैं।
पधर के पीयूष रोजाना करते थे 17 घंटे पढ़ाई, डॉक्टर बनने का है सपनाः
असैंट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पधर के छात्र स्कूल के छात्र पीयूष ने मैरिट में दसवां स्थान प्राप्त कर स्कूल के साथ-साथ ही क्षेत्र का नाम भी शेशन कर दिया है। पीयूष ने 700 अंकों में से 685 अंक प्राप्त कर टॉप टेन में दसवां स्थान हासिल किया है। पीयूष ने अपनी इस उपलब्ध का श्रेय अपने माता-पिता व दादा दादी और स्कूल के प्रधानाचार्य गुलाब सिंह चौहान व स्टाप को दिया है। पीयूष ने कहा है कि उसने रोजाना 17 घंटे पढ़ाई की है। पीयूष के पिता राकेश कुमार भारतीय सेना में कार्यरत है, वहीं माता बंदना देवी गृहणी हैं। छात्र पीयूष ने कहा की वह भविष्य में डॉक्टर बनना चाहता है।
वेल्डर की बेटी हैं पल्लवी ठाकुर, डाक्टर बनने का है सपना
बल्द्वाडा तहसील के तहत आने वाले सन राइज पब्लिक स्कूल की छात्रा पलवी ठाकुर ने प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा संचालित परीक्षा में 97.87% अंक लेकर पूरे प्रदेश में दसवां स्थान प्राप्त किया है।पल्लवी के पिता राकेश कुमार वेल्डिंग का काम करते हैं और माता गृहणी है। पल्लवी का सपना डाक्टर बनने का है और वह डाक्टर बनकर लोगों की सेवा करना चाहती है। पल्लवी को खेलों में भी रुचि है। पल्लवी ने बताया कि वह दस से बारह घंटे पढ़ाई करती थी। उसने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता पिता और गुरुजनों को दिया है।
