संजु चौधरी, शिमला: प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आइजीएमसी में इलाज करवाने यदि आ रहे तो अपने सामान को संभाल कर रखे। आप भले ही अस्पताल में अपना इलाज करवाने के लिए आ रहे हैं लेकिन यहां इलाज के दौरान आपकी जेब कट सकती हैं। इसके पीछे की वजह यह है कि आईजीएमसी में इन दिनों चोर गिरोह पूरी तरह से सक्रिय हैं। अस्पताल में शातिर चोर अस्पताल में उपचाराधीन मरीजों की हजारों रुपये की नगदी उड़ा कर रफ्फूचक्कर हो गए हैं।
आईजीएमसी के मेडिकल वार्ड में चोरी का यह मामला सामने आया हैं। अस्पताल के मेडिसन वार्ड में उपचाराधीन बुजुर्ग महिला के पर्स लेकर शातिर चोर रफ्फूचक्कर हो गया। इससे पहले भी अस्पताल में चोरी के मामले सामने आए हैं जिसमें नगदी के साथ मोबाइल व अन्य सामान चोरी हुआ हैं। पुलिस कई मर्तबा चोरों को पकड़ चुकी है बावजूद इसके अस्पताल में चोरी के मामले थम नहीं रहे हैं।
अस्पताल में उपचाराधीन बुजुर्ग महिला शकुंतला देवी ने कहा कि वह अपनी बेटी के साथ बिस्तर पर बैठी थी। कोई उनकी पीठ के पीछे रखा पर्स ले उठा ले गया उन्होंने बाद में जब देखा तो पर्स नहीं था। बुजुर्ग महिला ने कहा कि पर्स में उनके सत्रह हजार रुपये थे व बेटी के सात हजार रुपये भी उसी पर्स में रखे थे साथ ही आधार कार्ड भी उसमें पड़ा था। उन्होंने कहा कि अब उनके पास एक भी रुपया नहीं हैं। वह सुन्नी से अपना इलाज करवाने अस्पताल में आई थी।
वहीं आईजीएमसी सुरक्षा यूनियन के अध्यक्ष बबलू ने कहा कि शनिवार को मेडिकल वार्ड में बुजुर्ग महिला के पैसे चोरी होने का मामला सामने आया हैं। चोर बजुर्ग महिला शकुंतला देवी के पैसे चोरी कर ले गए।उन्होंने कहा कि प्रदेश भर से लोग आईजीएमसी में इलाज करवाने आते हैं और इस तरह की घटना घटित होना निंदनीय हैं। उन्होंने कहा कि पहले अस्पताल में रात को गश्त होती थी लेकिन अब गश्त न होने के कारण इस तरह के मामले पेश आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन जल्द से रात की गश्त शुरू कर दे जिससे इस तरह के मामलों पर रोक लग सके।
