शिमला (एकता): हिमाचल में ऐसी बहुत सी महिलाएं हुई हैं, जिन्होंने अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। जिन्होंने न सिर्फ पुरुषों के सत्ता वाली इस दुनिया में अपना मुकाम हासिल किया बल्कि छाप भी छोड़ी। आज हम आपको ऐसी ही एक महिला सांसद के बारे में बताने जा रहे हैं। जिन्होंने हिमाचल के चुनावों में जीत हासिल की है। हम बात कर रहे हैं हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद प्रतिभा सिंह की शख्सियत के बारे में। प्रतिभा सिंह हिमाचल प्रदेश में मंडी लोकसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी है। वह पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह है।

जानिए प्रतिभा सिंह को कब जीत हासिल हुई और कब हार
प्रतिभा सिंह 1998 में राजनीति में आई थीं। दरअसल हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की बागडोर वीरभद्र सिंह परिवार के हाथ में आ गई है। तब प्रतिभा सिंह अध्यक्ष नियुक्त की गई थी। उन्होंने पहला चुनाव मंडी संसदीय क्षेत्र से लड़ा था, जब भाजपा के महेश्वर सिंह ने उन्हें करीब सवा लाख मतों से पराजित किया था। बता दें कि 1998 में केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनी थी। उनकी सरकार सिर्फ 13 महीने का ही सफर तय कर पाई थी। 1999 में लोकसभा का दोबारा चुनाव हुआ। तब प्रतिभा सिंह ने चुनाव नहीं लड़ा था। 2012 में प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के बाद वीरभद्र सिंह ने लोकसभा से त्यागपत्र दे दिया था। 2013 में उपचुनाव हुआ तो प्रतिभा तीसरी बार मैदान में उतरीं। इस बार करीब सात साल बाद प्रतिभा सिंह दोबारा चुनावी अखाड़े में उतरीं और जीत दर्ज की।
जयराम ठाकुर को भी चुनावों में मात दे चुकी है प्रतिभा सिंह
2004 के आम लोकसभा चुनाव में उन्होंने दूसरी बार चुनाव लड़ा था और महेश्वर सिंह से 1998 की हार का बदला लेकर वह पहली बार लोकसभा सदस्य बनी थीं। 2013 में उपचुनाव हुआ तो प्रतिभा तीसरी बार मैदान में उतरीं। जयराम ठाकुर को करीब 1.39 लाख मत से शिकस्त देकर दूसरी बार सांसद निर्वाचित हुई थीं। इसके सालभर बाद 2014 में लोकसभा चुनाव हुआ था। मोदी लहर में भाजपा के रामस्वरूप शर्मा ने उन्हें 39 हजार से अधिक मत से हराया था। प्रदेश में उस समय कांग्रेस सरकार थी। मंडी के रण में जीत हासिल करने के लिए प्रतिभा सिंह पांचवीं बार मैदान में उतरी थी। इससे पहले उन्हें दो बार जीत और दो बार हार मिली। पहली जीत उन्हें 2004 के आम चुनाव व दूसरी 2013 के उपचुनाव में मिली थी। मंडी संसदीय क्षेत्र उनके परिवार की कर्मभूमि रही है।

