संजीव महाजन,नूरपुर: प्रदेश सरकार की ओर से हर गरीब को पक्का मकान देने के दावों की पोल खोलती एक तस्वीर विधानसभा ज्वाली के तहत ग्राम पंचायत फारियां के वार्ड नंबर-4 में देखने को मिल रही है। यहां 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला ज्ञानो देवी अपने 61 वर्षीय बेटे प्यारे लाल के साथ जर्जर मकान में रहने को मजबूर है। हालात यह है कि जिस जर्जर मकान में यह बुजुर्ग महिला रह रही है उसका एक हिस्सा पिछले वर्ष बरसात के कारण गिर गया था और इस बार अब भारी बारिश के कारण घर का बरामदा गिर गया है।
हैरानी इस बात की है कि आईआरडीपी से संबंधित होने के बावजूद भी आजतक उनको मकान की ग्रांट नहीं मिल पाई है। ज्ञानो देवी ने रोते हुए बताया कि सरकार हर गरीब परिवार को मकान बनाने के लिए मदद करती है लेकिन हमारी कोई सहायता नहीं की गई है। गत वर्ष मकान का एक हिस्सा गिरने से बरामदे में ही खाना बनाती थी और सोती थी लेकिन भारी बारिश की वजह से बरामदा भी गिर गया है। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रधान ने 2015 में मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत प्रस्ताव डाला था लेकिन आजतक मकान नहीं मिला। उन्होंने कहा कि इस मकान का जो शेष हिस्सा बचा है वो भी जर्जर हालत में है जोकि कभी भी गिर सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाएं धूल फांकती हुई दिखती है ओर जिन्हें जरूरत है उन्हें वास्तव में सहायता नहीं मिलती
वहीं ग्राम पंचायत फारियां के उपप्रधान रमन कुमार ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, डीसी कांगड़ा डॉ.निपुण जिंदल, एसडीएम ज्वाली महेंद्र प्रताप सिंह से मांग की है कि इस गरीब परिवार को शीघ्र ही मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत सहायता प्रदान की जाए।
इस संबंध में पंचायत प्रधान जीवन लाल ने बताया कि ज्ञानो देवी व उनका बेटा प्यारे लाल अति निर्धन परिवार से संबंधित हैं और सरकार की तरफ से इन्हें सहायता की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस परिवार का नाम मुख्यमंत्री आवास योजना व प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पंचायत में प्रस्ताव डाल दिया गया है। उन्होंने कहा कि जब भी नाम आ जाएगा तो शीघ्र ही मकान डाल दिया जाएगा।
