राहुल चावला, धर्मशाला: धर्मशाला स्थित मैक्लोडगंज के बौद्ध मंदिर में गुरुवार को तिब्बतियों के धर्मगुरु दलाईलामा का 88 वां जन्मदिन बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान तिब्बतियों के विभिन्न संगठनों की ओर से कई रंगारंग कार्यक्रम भी पेश किए गए। वहीं इस मौके पर खास तौर पर जापान से आए हुए कलाकारों ने एक जापानी गाना गा कर उपस्थित श्रोताओं की तालियों को बटौरा।
कार्यक्रम में पहुंचे तिब्बती अनुयायियों ने तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा की लंबी उम्र की कामना भी की। वहीं तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा ने भी उपस्थित सभी लोगों को अपना संदेश देते हुए कहा कि सभी लोग विश्व में शांति व अमन का माहौल बना रहे इसमें अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। इस मौके पर तिब्बतियों के एक संगठन की ओर से बौद्ध मंदिर के बाहर हलवे व लड्डुओं का भी लंगर लगाया गया था जिसमें सभी लोगों ने हलवे व लड्डुओं के लंगर में प्रसाद ग्रहण किया और दलाईलामा की लंबी उम्र की कामना की।
इस कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी अपने परिवार सहित शामिल हुए और तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा का आशीर्वाद भी लिया। बौद्ध मंदिर पहुंचने पर तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू व उनके परिवार का गर्मजोशी से स्वागत किया और तिब्बती सभ्यता का ख़तका देकर मुख्यमंत्री का सम्मान किया।
इस मौके पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि आज उन्हें अपने परिवार सहित तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा से मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है और दलाईलामा से मिलकर उन्हें काफी प्रसन्ता हुई हैं। उन्होंने कहा कि दलाईलामा से बातचीत करके जिन मूल्यों को दलाईलामा ने संजो कर रखा है वो हम सबके लिए प्रेरणा की स्त्रोत हैं। उन्होंने कहा कि की दलाईलामा आज अपना 88वां जन्मदिन मना रहे है लेकिन दलाईलामा को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि दलाईलामा अभी भी जवान हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के सभी विधायक आज दलाईलामा को उनके जन्मदिन की बधाई देने के लिए उनके निवास स्थान मैक्लोडगंज में आए हुए हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार की भावना वो यहां से लेकर जा रहे है उसे अपने जीवन मे उतारने की भी पूरी कोशिश करेंगे।
अगर प्रदेश सरकार के हाथ में होता तो जरूर देते भारत रत्न
दलाईलामा को भारत रत्न दिए जाने के प्रश्न का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत रत्न को लेकर हिमाचल सरकार उनके साथ हैं और यह अगर प्रदेश सरकार के हाथ मे होता तो हम जरूर इस काम को करते लेकिन यह भारत सरकार के हाथ में हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार चाहती है कि जिनसे लोग प्रेरणा लेते है उनको सम्मानित किया जाए।
