बिलासपुर: पहाड़ और वादी व घाटी वाले इलाकों में पर्यटन को पंख लगाने की तैयारी हो रही है। राज्य सरकार की ‘उड़ान’ कामयाब रही तो वह दिन दूर नहीं जब पर्यटक जल्द ही इन पर्यटन स्थलों की सैर हवा से कर सकेंगे। केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने पर्यटकों को पर्यटन स्थल तक ले जाने के लिए रोपवे की सुविधा मुहैया कराने की मंजूरी दे दी है। हिमाचल के इन जिलों में 39 किलीमीटर लंबे छह रोपवे का निर्माण होगा।
कांगड़ा में दो, कुल्लू, चंबा, सिरमौर और बिलासपुर में एक-एक रोपवे बनेगा। पांच रोपवे के निर्माण पर करीब 1,364 करोड़ रुपए खर्च होंगे, जबकि कुल्लू में रोपवे निर्माण की लागत राशि अभी तय नहीं हुई है। केंद्र सरकार की ओर से बनाए जा रहे इन रोपवे का निर्माण पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर होगा।
कांगड़ा में पालमपुर थाचड़ी चौगान ग्लेशियर रोपवे और जिला बिलासपुर में बंदला से लुहणू मैदान रोपवे को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। वहीं अन्य चार रोपवे में कुल्लू में बिजली महादेव, चंबा के भरमौर से भरमाणी माता मंदिर, सिरमौर के शिरगुल महादेव मंदिर से चूड़धार और कांगड़ा में चामुंडा से हिमानी चामुंडा तक रोपवे को धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। जिससे पर्यटन कारोबार के साथ-साथ आजीविका के साधन भी बढ़ेंगे। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने उन्हें बताया है कि सप्ताह के भीतर प्रदेश सरकार को इसका पत्र मिल जाएगा।
