शिमला,संजु चौधरी(TSN)-हिमाचल प्रदेश में लंबे सूखे के बाद बारिश और बर्फबारी देखने को मिली है।शिमला में खासकर दिसम्बर महीने में 12 साल बाद बर्फबारी देखने को मिली है। 2012 में दिसम्बर महीने के पहले सप्ताह बर्फबारी हुई थी वही उसके बाद अब 8 दिसम्बर को बर्फबारी हुई है।शिमला शहर में 2.7 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई है।लाहुल स्पीति के कोकसर में सबसे ज्यादा 6.7 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई।बर्फबारी के कारण एक एनएच सहित 87 सड़के यातायात के लिए बंद हो गई है जिसमें शिमला जिला की सबसे ज्यादा सड़के हैं।आज भी प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी की संभावना है जबकि 10 दिसम्बर से मौसम साफ रहेगा हालांकि कुछ जिलों में कोहरे का अलर्ट है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा के अनुसार आज भी ऊँचाई वाले हिस्सों में हल्की बारिश बर्फबारी की संभावना है।प्रदेश में बीते 24 घंटो के दौरान किन्नौर, लाहुल स्पीति,शिमला,चम्बा सोलन, बिलासपुर में बारिश और बर्फबारी हुई है।कोकसर में 6.7, खदराला 5.0, सांगला 3.6, केलांग 3.0, निचार और शिमला में 2.5 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई।वहीं कंडाघाट में 2.2, नयना देवी और कसौली 2.0, जुब्बड़हट्टी 1.9, मंडी 1.4, सोलन 0.6 व सुंदरनगर में 0.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बर्फबारी होने से तापमान में दो से तीन डिग्री तक कमी आई है।
वहीं सीजन की पहली बर्फबारी को लेकर सेब बहुल क्षेत्र से संबंध रखने वाले शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि किसानों और सेब बागवानों के लिए बर्फबारी संजीवनी का काम करेगी। काफी समय से प्रदेश में सूखे जैसे हालात बने हुए थे जिससे थोड़ी निजात मिली है। आने वाले दिनों में और भी अच्छी बर्फबारी हो यही कामना है। सरकार भी बर्फबारी से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
