राहुल चावला, धर्मशाला: विधानसभा निर्वाचन -2022 से संबंधित रिटर्निंग आफिसर व सहायक रिटर्निंग आफिसर हेतु प्रमाणन कार्यक्रम धर्मशाला के मिनी सचिवालय में शुरू किया गया है। इस कार्यक्रम ने जिला कांगडा, चंबा, मंडी, हमीरपुर, बिलासपुर, ऊना, कुल्लू, सोलन, सिरमौर व लहौल स्पीति के रिटर्निंग आफिसर ओर सहायक रिटर्निंग आफिसर भाग ले रहे है।
उपायुक्त कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने बताया की बुधवार को भारत निर्वाचन आयोग की तरफ से आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में हिमाचल प्रदेश के दस जिलों के एसडीएम ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण शिविर का आयोजन 30 सितंबर तक किया जाएगा जिसमें ईवीएम मशीन के रख रखाव या उसकी देखरेख पोलिंग पार्टी, पोलिंग स्टेशन की जानकारी, नोमिनेशन के प्रक्रिया इन सभी बिंदुओं के ऊपर जो है प्रशिक्षण सभी अधिकारियों को दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त इस मर्तबा ई कैच (कांगड़ा एप्लिकेशन ट्रेकिंग फ़ॉर चुनाव) एप्लीकेशन नाम के एप की भी शुरुआत की गई है और इसमें चुनाव से जुड़ी जानकारी या किसी भी प्रकार की गतिविधियों की जानकारी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से उपायुक्त कांगड़ा के पास और जिला कांगड़ा पुलिस प्रमुख के पास पहुंच जाएगी।
उपायुक्त ने बताया कि जिला कांगड़ा क्षेत्रफल के हिसाब से काफी बढ़ा जिला है और आगामी विधानसभा चुनावों के दौरान विभिन्न प्रकार की लगभग डेढ़ सौ के करीब टीमों का गठन किया जाएगा। उन टीमों के मोनिटरिंग करने में भी सहायता मिलेगी और इससे जितनी भी टीमें है उनका कागजी काम भी कम होगा और इस एप से सभी को सहूलियत मिलेगी। उपायुक्तडॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि विधानसभा निर्वाचन-2022 के निष्पक्ष ओर शांतिपूर्वक संपन्न करवाने के लिए चुनाव आयोग की ओर से प्रमाणन कार्यक्रम आरंभ किया है। इससे रिटर्निंग ओर सहायक रिर्टनिंग अधिकारियों को विस्तार से चुनाव प्रक्रिया पूर्ण करने के बारे में प्रशिक्षण दिया जा रहा है ओर चुनाव आयोग के निर्देशों के बारे में भी अवगत करवाया जा रहा है। इससे पहले प्रारंभिक चरण का प्रशिक्षण अभियान शिमला में आयोजित किया जा चुका है। इस प्रशिक्षण शिविर में दस के करीब मास्टर ट्रेनी निर्वाचन की विभिन्न प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी प्रदान कर रहे है। दो बैच में लगभग 90 अधिकारी प्रशिक्षण ले रहे है।
