अनिल कुमार,किन्नौर: नशे की समस्या प्रदेश के लिए एक गंभीर समस्या बनती जा रही हैं। नशे की इस बुरी लत से जनजातीय जिला किन्नौर भी अब अछूता नहीं हैं। नशा तस्कर किन्नौर के युवाओं तक भी इस जहर को पहुंचा रहे हैं,जिसके चलते जिला किन्नौर के युवा भी अब नशे के आदी होने लगे हैं। यही वजह है कि जिला किन्नौर में 2022 और मार्च 2023 के दौरान अभी तक चिट्टे के 16 मामले सामने आएं हैं। जिले में भी अब चिट्ठा तस्कर अपना पैर पसार रहे है व जिला के युवाओं को अपनी गिरफ्त में ले रहें है।
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जिला पुलिस भी चिट्टा कारोबारी व नशा करने वालों पर अपना शिकंजा कसते हुए नजर आ रही हैं। ऐसे लोगों की धरपकड़ भी जारी हैं। जिला पुलिस जिला के लोगों से भी नशा तस्करों को पकड़ने में सहयोग करने की अपील कर रही हैं। वहीं पुलिस विभाग की ओर से प्रदेश में “ड्रग फ्री एप” भी चलाया जा रहा हैं जिसमें कोई भी व्यक्ति नशा तस्करों व नशा करने वालों की सूचना गुप्त तरीके से दे सकता हैं।
जिला किन्नौर में पिछ्ले वर्ष पुलिस चिट्टे के 11 मामलों में 27 पुरुष व एक महिला को हिरासत में लिया था तो वहीं चरस के 21 मामले में 29 पुरुष व 4 महिलाओं को हिरासत में लिया था,जबकि इस वर्ष अब तक चिट्ठा के 5 मामले सामने आए हैं जिसमें 6 आरोपियों को हिरासत में लिया गया हैं। जिला में चरस के 3 मामले में 4 लोगों को हिरासत में लिया गया हैं। पुलिस अधीक्षक किन्नौर विवेक चहल ने कहा कि जिला में चिट्टे के अभी तक 11 मामलो में कुल 34 लोगों को हिरासत में लिया गया हैं।
इस बाबत जिला परिषद सदस्यों ने भी अपने सदन की बैठक के दौरान जिला के अंदर चिट्टे के कारोबार को रोकने हेतू ठोस कदम उठाने के लिए प्रस्ताव को पास किया हैं ताकि जिला में चिट्टे व अन्य नशे के कारोबार को रोका जा सके। जिला परिषद अध्यक्ष निहाल चारस ने भी बताया कि जिला पंचायतीराज संस्थान जिले मे नशे के कारोबार को रोकने हेतू लोगों को जागरूक करने क़ा काम शुरू करेगी।
एसपी किन्नौर ने कहा कि पुलिस विभाग की ओर नशा बेचने और नशा करने वालों के खिलाफ़ कार्रवाई की जा रही हैं। इसकी रोकथाम के लिए जोर शोर से लगी हुई हैं। वहीं उन्होनें लोगों से भी नशे को रोकने व नशा से पीड़ित लोगों को नशा मुक्ति केंद्र में भेजने में सहयोग करने की अपील की।
