विकास शर्मा, चिंतपूर्णी: हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला के चिंतपूर्णी के साथ लगती गंगोट पंचायत के मोईन गांव के तुषार गर्ग की हत्याकांड के मामले में प्रवासियों के शामिल होने के शक में गुस्साई भीड़ ने समनोली चौक में अन्य राज्यों के प्रवासियों की झुग्गी झोपड़ियों को आग लगा दी। आग एकदम से पूरे क्षेत्र में फैल गई। प्रवासियों ने वहां से अपना सब कुछ छोड़ छाड़ कर भाग कर अपनी जान बचाना ही उचित समझा।
इस दौरान कुछ प्रवासी अपने बच्चों को भी झुग्गियों में छोड़कर भाग गए। वहीं लोगों ने सड़क किनारे खड़े प्रवासियों की गाड़ियों और बाइकों को भी तोड़ा दिया। आग भी देखते-देखते इतने भयंकर रूप से फैल गई क्योंकि इन झुग्गियों के अंदर भारी मात्रा में गैस सिलेंडर और बिजली के कनेक्शन भी थे। वहीं सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और विद्युत विभाग के कर्मचारी जेई मनमोहन सिंह की मौके पर बिजली के कनेक्शन काटने पहुंचे।
आग को बुझाने में काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा क्योंकि आग काफी फैल चुकी थी। आग बुझाने के दौरान कुछ स्थानीय लोगों का मानवीय दृष्टिकोण भी सामने आया जिसमें छपरोह पंचायत के वार्ड पंच पुनीत कालिया ने एक झुग्गी में 2 साल के बच्चे को अपनी जान पर खेलकर झुगी के अंदर से निकाला और उसे जलने से बचाया। जिस समय आग पर काबू पा लिया तो एक महिला जिसकी झुग्गी झोपड़ी जिसकी जल गई वह अपनी पेटी के अंदर से गहने और चांदी निकालती हुई देखी गई। इस महिला का नाम ज्योति था इसने बताया कि इसका पति कुकर ठीक करने का काम करता है और यह पिछले 15 सालों से यही पर रह रही थी।
वहीं एसएचओ रोहिणी ठाकुर भी मौके पर पहुंची और आग बुझाने में अपना योगदान उन्होंने दिया। इसके अलावा मंदिर अधिकारी बलवंत सिंह,नायब तहसीलदार रोहित जाल्टा और फायर कर्मी और कुछ स्थानीय लोग मदद करते हुए देखें गए। रोहिणी ठाकुर ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि पुलिस को आग लगने की घटना की सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के साथ पुलिस मौके पर पहुंची और आग को काबू पा लिया गया।
