नाहन/देवेन्द्र कुमार: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व 7 बार विधायक रह चुके गंगूराम मुसाफिर बतौर निर्दलीय उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतरेंगे। टिकट ना मिलने से नाराज गंगूराम मुसाफिर के समर्थकों ने उन्हें बतौर निर्दलीय उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतरने का फैसला लिया। पच्छाद विधानसभा क्षेत्र में इस बार कांग्रेस ने दयाल प्यारी को चुनावी मैदान में उतारा है जिससे गंगूराम मुसाफिर के समर्थक नाराज है। राजगढ़ में गंगूराम मुसाफिर समर्थकों की एक बैठक आयोजित हुई। जिसमें बड़ी संख्या में गंगूराम मुसाफिर समर्थक मौजूद रहे और निर्णय लिया गया कि यदि 25 अक्टूबर तक टिकट नहीं बदला गया तो कांग्रेस पार्टी से सैकड़ों कार्यकर्ता सामूहिक इस्तीफे देंगे और गंगूराम मुसाफिर को बतौर निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में उतरेंगे।
25 अक्टूबर तक कांग्रेस हाईकमान के निर्णय का इंतजार
मुसाफिर समर्थकों का यह भी कहना है कि कांग्रेस हाईकमान ने बीजेपी से कांग्रेस में शामिल हुई नेत्री को टिकट दिया है जो बिल्कुल गलत है । ऐसे में टिकट बदला जाना चाहिए। कार्यकर्ताओं ने कहा कि 25 अक्टूबर तक कांग्रेस हाईकमान के निर्णय का इंतजार किया जाएगा और फैसला उनके हक में नही आया तो गंगूराम मुसाफिर को समर्थक चुनावी मैदान में उतारेंगे। इस दौरान गंगूराम मुसाफिर ने कहा कि वह चुनाव नहीं लड़ना चाहते थे मगर अब उनके समर्थक चाहते हैं कि वह चुनाव लड़े , ऐसे में वह अब समर्थकों के साथ चलेंगे।
7 बार कांग्रेस के रहे विधायक
बता दें कि पूर्व स्वर्गीय मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के करीबी गंगूराम मुसाफिर पच्छाद विधानसभा क्षेत्र से 7 बार कांग्रेस के विधायक रह चुके हैं। उन्हें लगातार पिछले 3 चुनाव में लगातार हार का सामना करना पड़ा है। कांग्रेस हाईकमान ने इस बार बीजेपी से कांग्रेस में शामिल हुई दयाल प्यारी को चुनावी मैदान में उतारा है। ऐसे में देखना होगा कांग्रेस गंगूराम मुसाफिर समर्थकों द्वारा दिए गए अल्टीमेटम पर क्या विचार करती है।
