राकेश,ऊना: ऊना जिला में चल रहे अवैध माइनिंग के धंधे को रोकने के लिए वरना पुलिस कड़ा रुख अपनाएं हुए हैं। अवैध खनन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई यहां पुलिस की ओर से की जा रही हैं। यही नतीजा है कि 2 वर्ष में 18 मामले अवैध माइनिंग के यहां पर दर्ज किए गए हैं। वहीं पुलिस की यह मुहिम आप अभी भी लगातार जारी हैं। ऊना की स्वां नदी में सबसे ज्यादा अवैध माइनिंग के मामले जिला प्रशासन की ओर से पकड़े जा रहे हैं।
ऊना पुलिस की ओर से शुक्रवार को भी बॉर्डर एरिया में रेत के लगे डंपो पर दबिश देकर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया हैं। ऊना के एसपी अर्जित सेन ठाकुर माइनिंग विभाग और रेवेन्यू विभाग की टीमों ने इकट्ठे होकर स्वां नदी के बॉर्डर एरिया संतोषगढ़ टाहलीवाल और बाथडी में लगे रेत के अवैध डंपों पर कार्रवाई की हैं। एसपी ने मीडिया को बताया कि पुलिस की ओर से पिछले 2 साल में 18 एफआईआर अवैध माइनिंग के खिलाफ दर्ज की गई हैं, जिनमें पांच एफआईआर इस साल के जनवरी माह में ही दर्ज की गई हैं।
इस दौरान पुलिस ने 50 गाड़ियों को भी बाउंड किया हैं,जिनमें पोकलेन व जेसीबी मशीन सहित टिप्पर भी शामिल हैं। एसपी उना की माने तो ऊना जिला का बॉर्डर एरिया जो पंजाब के साथ सट्टा हुआ हैं, यहां पर अवैध माइनिंग का काम होता हैं। पुलिस की ओर से समय-समय पर दबिश दी जा रहीहैं और इस मामले में उन्हें काफी सफलता भी हाथ लग रही हैं। पुलिस की माने तो उन्होंने कुछ हॉटस्पॉट एरिया को मैपिंग कर रखा हैं क्योंकि स्वां नदी का एरिया 63 किलोमीटर लंबा हैं जिस पर गश्त करने के लिए फोर्स की कमी हैं जिस कारण उन्होंने ओर ज़्यादा मैन पावर सरकार से दिए जाने की मांग की हैं। अधिकारी की माने तो 18 एफआईआर इलीगल माइनिंग की दर्ज की गई है जिसमें चार एफआईआर इंफोर्समेंट डायरेक्टरेट को रेफर की गई हैं।
उन्होंने कहा है की माफिया के तार पंजाब से भी जुड़े हो सकते हैं क्योंकि पंजाब में सबसे ज्यादा रेत की डिमांड हैं, इसलिए यह जांच का विषय हैं। रेवेन्यू डिपार्टमेंट और माइनिंग के यहां अवैध माइनिंग की गई हैं। उसकी भी जांच पड़ताल करेंगे। उसके बाद वह अपनी रिपोर्ट भेजेंगे। उन्होंने कहा की रेत का कारोबार ट्रैक्टर के माध्यम से ज्यादा किया जा रहा हैं। स्वां नदी से रेत को ट्रैक्टर के माध्यम से डंपर तक पहुंचाया जाता हैं, जहां से वह रेत को बड़े-बड़े ट्रकों में भरकर आगे सप्लाई किया जा रहा हैं।
उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले पर पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही हैं और अभी तक 18 एफआई आर दर्ज कर अवैध खनन में जुटे रेत माफिया पर नकेल कसी गई हैं। उन्होंने रेत के लगाए गए अवैध डंपों को माइनिंग विभाग के सपुर्द किए जाने की बात कही हैं और अवैध माइनिंग के खिलाफ कार्रवाई जारी रहने का दावा किया हैं।
