Shimla, Sanju-सरकार की नई ट्रेनी भर्ती योजना को लेकर बेरोज़गारों में जबरदस्त आक्रोश है। शिमला के पुस्तकालय में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं ने योजना को बेरोज़गारों के साथ मज़ाक करार देते हुए सरकार को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि अगर यह योजना वापस नहीं ली गई तो राज्यभर में बड़ा आंदोलन होगा।
बेरोज़गारों का आरोप है कि कांग्रेस सरकार ने पिछले ढाई साल में प्रतीकात्मक भर्तियों के अलावा कुछ नहीं किया और अब अनुबंध को खत्म कर ट्रेनी सिस्टम लागू करना बेरोज़गारों को गुमराह करने जैसा है.उन्होंने सवाल उठाया कि दो साल ट्रेनी के रूप में सेवा देने के बाद फिर से परीक्षा देना कहां का न्याय है? अगर कोई उम्मीदवार दो साल बाद टेस्ट में फेल हो गया तो उसकी सेवा का क्या होगा? उन्होंने इसे एक अपारदर्शी और बेरोज़गार-विरोधी नीति बताया है।
