शिमला,संजु चौधरी(TSN)-रोजगार की मांग को लेकर बेरोजगार शारीरिक शिक्षक संघ ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।गत सात वर्षों से बेरोजगार युवाओं के लिए नई भर्ती न होने से नाराज शारीरिक शिक्षकों ने बुधवार को परिवार सहित विधानसभा मार्च किया ।इस दौरान गुस्साए युवाओं ने चौड़ा मैदान पर लगी बेरिगट्स के आगे जाने के प्रयास किया.इस दौरान बेरोजगार युवाओं की पुलिस के साथ हल्की धक्का मुक्की हुई।बेरोजगार शिक्षकों ने इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
लंबे समय से लंबित पड़ी मांगों को लेकर बेरोजगार शारीरिक संघ आंदोलनरत है।गत दिनों पहले भी संघ के सदस्य चौड़ा मैदान पर अनशन पर बैठे थे।अब एक बार फिर मानसून सत्र होते ही बेरोजगार शारीरिक संघ ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और चेतावनी दी है कि मांगे नही मानी तो उग्र आंदोलन होगा.
मांगे नही मानी तो जलाएंगे अपनी डिग्रीयाँ
बेरोजगार शारीरिक शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष रमेश राजपूत ने कहा कि वह लंबे समय से मांगो को लेकर आंदोलनरत है,लेकिन सरकार इनकी मांगो के प्रति बेरुखी का रवैया अपनाएं हुए है।वह सात वर्षों में 14 बार अपनी मांगों को लेकर आ चुके है और 6 बार आंदोलन भी किया है,लेकिन उनकी मांगों को अभी तक अनसुना किया गया है।आज मजबूरन उन्हें परिवार सहित सड़कों पर उतरना पड़ा है।वह शांतिपूर्ण सरकार से मिलने आये थे लेकिन उन्हें मिलने नही दिया जा रहा और यहां बेरिगैट्स लगा दिए गए हैं।उन्होंने कहा कि सरकार जल्द भर्ती प्रक्रिया आरंभ करे।
वहीं अन्य बेरोजगार शिक्षकों ने कहा कि आज शिक्षा का स्तर इसलिए गिर रहा है कि सीखने वाला सड़कों पर है।सरकार ने बेरिगैट्स लगाइर उन्हें उकसाया है जबकि वह शांतिपूर्ण मिलने जा रहे थे।उन्होंने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री से यह उम्मीद नही थी।उन्होंने कहा कि कई शिक्षक 1998 के बेरोजगार है ।26 वर्ष हो गए हैं रोजगार के लिए।कई लोगों की उम्र भी 50 वर्ष से ऊपर हो गयी है।सात वर्ष पहले से उनकी भर्तियां रुक गयी है।सरकार कोर्ट केस का हवाला देती है जबकि वह मामला cped व सरकार के बीच है उनका उसमे कोई लेना देना नही है।सरकार को चाहिए कि 50%पद कमीशन व 50% सीधी भर्ती के माध्यम से भर्तियां शुरू की जाए।अन्यथा यगर सरकार उनकी मांगों को नही मानती तो सभी शिक्षक अपनी डिग्रियों को सामूहिक रूप से जलाएंगे और अपने आंदोलन को और उग्र करेंगे।
