शिमला (कमल भारद्वाज): राजधानी शिमला की लिफ्ट के पास आठ मंजिला भवन का निर्माण किया गया है जिसे आजीविका भवन के नाम से जाना जाता है। इस भवन की तीन मंजिलों में तिब्बत मार्किट के दुकानदारों और शहर के तहबाजारियों को दुकानें दी गई हैं। पुरानी दुकानें से आजीविका भवन में शिफ्ट होने के बाद धीरे-धीरे व्यापारियों का कारोबार पटरी पर लौटा लेकिन अब आजीविका भवन के चारों ओर बोर्ड लगा दिए गए, जिसमें लिखा जिस तिब्बती मार्केट तीन और चार मंजिल जिसको पड़ के अब खरीददार सामान खरीदने तीसरी और चौथी मंजिल में ही जा रहे है जिसका विरोध पांचवी मंजिल के दुकानदार कर रहे हैं।
पांचवी मंजिल के दुकानदारों का कहना है कि तिब्बती मार्केट का बोर्ड लगने से खरीददार सिर्फ चौथी पांचवी मंजिल में ही जा रहे हैं जिससे उनका व्यापार ठप पड़ गया है। उन्हें सुबह से लेकर शाम तक बेले बैठना पड़ रहा हैं और शाम को दुकान बंद करके ख़ाली ही घर लौटना पड़ रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस समस्या को लेकर वे पांच बार नगर निगम आयुक्त से भी मिले नगर निगम ने कारवाई करते हुए तिब्बती मार्केट के बोर्ड पर तीसरी और चौथी मंजिल को छुपाने के लिए स्लिप तो लगा दी। लेकिन बोर्डो को उखाड़ नहीं फैंका साथ ही दुकानदारों ने ये भी कहा की यहां की सफाई व्यवस्था भी लचर स्थिति में हैं और आजीविका भवन तक पहुंचने के लिए रास्ता भी उबड़ खाबड़ है।
उस पर भी सारा दिन गाड़ियां और मोटर साइकिल खड़ी रहती है और ना ही दुकानदारों को गाड़ी खड़ी करने के लिए जगह है। साथ ही दुकानदारों का ये भी कहना है कि आजीविका भवन में लगाई गईं लिफ्ट की नंबरिंग भी गलत है, अगर कोई ग्राहक पांचवी मंजिल में जाना चाहे तो वो पहुंचता चौथी मंजिल में है। कारोबारियो ने कहा कि इससे अच्छा तो वो सड़कों पर थे क्योंकि वहां पर उनके पास ग्राहक तो आते थे। उन्होंने कहा कि बाजार से खदेड़ कर उन्हें नाले में बसा दिया जहां गंदगी इतनी है की सांस तक लेना दुभर हो गया है।
