सोलन : योगेश शर्मा – श्रम कानूनों को खत्म करने के विरोध में लगातार ट्रेड यूनियन इसका विरोध कर रही है और इसको लेकर लगातार केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की जा रही है। बुधवार को सोलन में भी सीटू, एटक और विभिन्न संगठनों ने एकजुट होकर सोलन मॉल रोड़ पर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और 44 श्रम कानूनों को खत्म करने का विरोध किया गया। इस दौरान कर्मचारियों ,ऑटो रिक्शा चालक, महिला मजदूर और युवाओं ने इस रैली में भाग लिया और यह रैली पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस से शुरू होकर ओल्ड डीसी ऑफिस निकाली गई जिसमें केंद्र सरकार के खिलाफ सभी ने एकजुट होकर हल्ला बोला।
श्रम कानूनों को खत्म करने के विरोध में
सीटू के जिला अध्यक्ष मोहित ठाकुर ने कहा कि आज पूरे देश भर में 44 श्रम कानून को खत्म करने के विरोध में विभिन्न ट्रेड यूनियन द्वारा रैली निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की जा रही है और यह मांग की जा रही है कि इन 44 श्रम कानून को दोबारा से बहाल किया जाए। मोहित ठाकुर ने कहा कि आज मजदूर, कर्मचारी,किसानों की जिस तरह से हालत केंद्र में मोदी सरकार के सत्ता संभालने के बाद हुई है उसके बाद आज उनकी स्थिति दयनीय हो चुकी है वहीं दूसरी तरफ विभिन्न परियोजनाओं में जो कर्मचारी चाहे वह मिड डे मील कर्मचारी है आशा वर्कर है उन्हें ठेकेदारी प्रथा से हटाकर सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए और उन्हें उचित मानदेय प्रदान किया जाए। सीटू जिलाध्यक्ष मोहित ठाकुर ने कहा कि इन सभी मांगों को लेकर आज सोलन में कर्मचारियों,मजदूर वर्ग किसानों महिलाओं युवाओ ने एक मंच पर आकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की है और आह्वान किया है कि जो 44 श्रम कानून को खत्म करके 4 श्रम संहिता लागू की गई थी उसे हटाया जाए और दोबारा से 44 श्रम कानून को बहाल किया जाए। ताकि मजदूर,कर्मचारी वर्ग एकजुट होकर इकट्ठा होकर अपनी बात को रख सके।
