बिलासपुर /सुभाष ठाकुर: बिलासपुर शहर के साथ लगती ग्राम पंचायत बामटा की एक अन्याय से पीडित महिला व उसके पति ने जिला प्रशासन एवं प्रदेश सरकार को आगाह करते हुए कहा कि अगर पांच अक्टूबर तक उसकी रास्ते की समस्या का समाधान नहीं हूआ तो वह अपने परिवार के साथ मिलकर आत्मदाह कर लेंगे। जिसकी जिम्मेवारी प्रशासन व सरकार की होगी।
पीड़ित महिला सुनीता ठाकुर व उसके पति रोशन ठाकुर ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि वह पिछले 28 वर्षो से ग्राम पंचायत बामटा के अप्पर निहाल क्षेत्र में रह रही हैं। लेकिन पिछले कुछ दिनों से प्रशासन ने दो परिवारों द्वारा करवाई गई निशान देही के बाद 28 वर्ष पुराना उनके घर का रास्ता , घर के दरवाजे के सामने कांटेदार बाड़ लगाकर बंद कर दिया है। जिससे उनका परिवार पिछले 17 दिनों से एक तरह से घर में बंद होकर रह गया है। जिससे उनका रोजमर्रा आवश्यकता के कार्यों के लिए उन्हें अन्य घर के अंदर से होकर आना जाना पड़ रहा है। इस कारण उनका सारा परिवार बेहद मानसिक प्रताड़ना व दवाब से गुजर रहा है।
प्रदेश मुख्यमंत्री से लगाई गुहार
सुनीता देवी ने प्रदेश मुख्यमंत्री से गुहार लगाई कि उन्हें न्याय दिलवाएं व उनका रास्ता खुलवाएं अन्यथा वह आगामी 5 अक्टूबर को आत्मदाह कर लेंगी। सुनीता देवी ने बताया कि खरीदी हुई अपनी इस जमीन पर वर्ष 1993 में उन्होंने मकान बनाकर रहना शुरू किया व तब से यह उनका रास्ता है। लेकिन गत 17 सितंबर को तहसीलदार पुलिस टीम के साथ वहां पहुंचे व कुछ नाप नपाई कर एंगल गाड़ दिए। जिन पर बाद में कंटीली तार लगा दी गई , जिससे उनका सारा परिवार घर की चारदीवारी में कैद होकर रह गया। उन्होंने कहा कि समस्या को लेकर राजस्व अधिकारियों व प्रशासन के पास भी गई। लेकिन कोई भी उनकी बात सुनने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने इस दौरान 16 -01 -1997 की तिथि का जमीन मालिक का शपथपत्र भी दिखाया जिसमें उसने खसरा नंबर 382,259 ,1 में 2 मीटर चौडा व 20 मीटर लंबा रास्ता दिया है।
