बिलासपुर /सुभाष ठाकुर- हिमाचल प्रदेश इंटक के करिकारी अध्यक्ष अधिवक्ता भगत सिंह वर्मा ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में श्रम कानूनों की जमकर अवहेलना हुई है। जिसके चलते जलशक्ति विभाग में पिछले डेढ वर्ष से आउटसोर्स पर नियुक्त पंप आपरेटरों को वेतन तक नही मिल पाया है। यह मामले आज भी श्रम न्यायालय में लंबित पड़े है। उन्होंने प्रदेश सरकार से इस वर्ग के लिए स्थाई नीति बनाने की मांग की है। उन्होंने प्रदेश की नव नियुक्त प्रदेश सरकार से करूणामूलक आधार पर मिलने वाली नौकरियों के मामले मेें आय सीमा को डेढ लाख से अधिक बढाने की मांग की है। क्योंकि पेंशन के कारण डेढ लाख की आय सीमा अक्सर पूरी हो जाती है। जिस कारण इन परिवारों को नौकरी मिलने में परेशानी झेलनी पडती है। वहीं ईडव्लूएस में आय सीमा चार लाख है।
ट्रक आपरेटरों की हालत खस्ता
पत्रकारों को संबोधित करते हुए इंटक के करिकारी अध्यक्ष अधिवक्ता भगत सिंह वर्मा ने कहा कि बरमाणा स्थित सीमेंट कारखाना जब से अढाणी समूूह के हाथों में आया है, तब से ट्रक आपरेटरों की हालत खस्ता हो गई है। वहीं , इस सीमेंट कारखान में उन कर्मचारियों को यह फरमान जारी कर दिया गया है कि जिन कर्मचारियों के सगे सम्बंधियों के नाम ट्रक है, वह नौकरी व ट्रक में से किसी एक को चुन लें। उन्होंने प्रदेश की नवनियुक्त सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने इस अवसर पर अन्य मुददों पर भी चर्चा की।
