संजु चौधरी, शिमला:प्रदेश में भी तो कुछ दिनों से मौसम ठीक चल रहा था जिसके चलते तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। बीते एक सप्ताह से प्रदेश के अधिकाश हिस्सों में बढ़ती गर्मी के चलते न्यूनतम और अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी देखी गई। प्रदेश में समय से पहले ही पहाड़ तप रहे है जिसकी वजह ग्लोबल वार्मिंग मानी जा रही हैं। वहीं बीते शनिवार को राजधानी शिमला में 17 सालों का सबसे अधिक तापमान भी दर्ज किया गया लेकिन अब प्रदेश में 2 दिन मौसम खराब रहने की संभावना मौसम विभाग की ओर से जताई गई हैं।
मौसम विभाग के अनुसार आज प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के चलते आगामी दो दिनों तक प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने की संभावना हैं। वहीं मैदानी क्षेत्रों में हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान लगाया गया हैं, जिसके चलते तापमान में कमी आने की उम्मीद हैं।
मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में इस बार कम पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुए हैं जिसके चलते तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली हैं। उन्होंने कहा कि लगातार धूप खिली होने की वजह से न्यूनतम तापमान के बढ़ोतरी दर्ज की गई हैं। शिमला, कुल्लू और सोलन में न्यूनतम तापमान का रिकॉर्ड भी टूटा हैं,लेकिन जिस तरह से सोमवार को पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ हैं उसके चलते राजधानी शिमला में बादल छाए हुए हैं जिसके चलते तापमान में कुछ गिरावट देखने को मिल सकती हैं।
उन्होंने कहा कि आज से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है उसके चलते आगामी दो दिनों तक अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने की उम्मीद जताई जा रही हैं। वहीं मैदानी क्षेत्रों में भी हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने के उम्मीद हैं।
