संजु चौधरी, शिमला: प्रदेश में विधानसभा चुनावों को लेकर जहां सभी राजनीतिक दल चुनावी मैदान में डटे हुए हैं, तो वहीं प्रदेश में मतदाता भी चुनाव के इस मौके को देखकर इस चुनावी माहौल का फायदा अपनी मांगों को लेकर उठाने से नहीं चूक रहे हैं। एक और जहां कर्मचारी वर्ग ओपीएस की बहाली की मांग को लेकर अड़ा हुआ है तो वहीं अब संयुक्त किसान मोर्चा भी अपनी मांगों को लेकर उठ खड़ा हुआ है। संयुक्त किसान मोर्चा ने स्पष्ट कर दिया है कि इन चुनावों में उसी पार्टी और उम्मीदवार को समर्थन दिया जाएगा जो उनके हितों की बात करेगा।
सोमवार को संयुक्त किसान मंच ने शिमला में प्रेस वार्ता कर उनकी मांगों को मानने वाले राजनीतिक दल को समर्थन देने के ऐलान की घोषणा की है। संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान ने कहा कि उनका कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं है। वह केवल यह चाहते हैं कि राजनीतिक दल अपने घोषणापत्र में किसान-बागवानों की मांगों को शामिल करें।
हरीश चौहान ने कहा कि आजाद उम्मीदवारों को भी मांग पर सेब का चुनाव चिन्ह मिला है। ऐसे में वे चाहते हैं कि सेब बागवानों के हितों की बात भी इन विधानसभा चुनाव में की जाए। उन्होंने कहा कि सभी बागवान वोटरों से भी अनुरोध किया है कि जब भी कोई राजनीतिक दल उनके घर पर वोट मांगने आए, तो वह अपने हितों के बारे में राजनीतिक दलों से सवाल करें।
बता दें कि संयुक्त किसान मंच लंबे समय से अपनी 20 सूत्रीय मांग पत्र को लेकर आंदोलनरत हैं, लेकिन अब तक किसी भी राजनीतिक दल ने इसे पूरा करने की बात नहीं कही है। ऐसे में संयुक्त किसान मंच का कहना है कि जो राजनीतिक दल उनकी मांगों को अपने घोषणा पत्र में शामिल करेगा, किसान मंच उसका ही सहयोग करेगा।
