संजु चौधरी, शिमला: प्रदेश में वैसे तो बहुत से लोग अपनी समस्या और परेशानियों को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री से मिलने के लिए पहुंचते हैं लेकिन शनिवार को एक किसान कुछ अलग ही अंदाज में प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मिलने के लिए शिमला आ पहुंचा। यह इसलिए अलग था क्योंकि यह किसान कंधे पर हल उठाकर मुख्यमंत्री से मिलने के लिए शिमला पहुंचा था।
हिमाचल प्रदेश के किसान-बागवानों की समस्याओं को लेकर सोलन के बद्दी का यह किसान लायक राम किसान बचाओ देश बचाओ की पैदल यात्रा पर निकले हैं। लायक राम ने बद्दी से एक जनवरी को पैदल यात्रा शुरू की थी और शनिवार को शिमला पहुंच गए। यहां पहुंच कर उन्होंने डीसी ऑफिस के बाहर शांतिपूर्ण तरीके से हल रख कर प्रदर्शन किया ओर किसानों की फसलों के बर्बाद होने पर समय पर मुआवजा देने के साथ ही कर्ज माफ करने की गुहार लगाई। लायक राम मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह से मिलने भी जाएंगे जहां वह किसान बागवानों के हित में योजनाएं बनाने की मांग करेंगे।
शिमला पहुंचे लायक राम ने बताया की किसान प्रकृति की बारिश पर निर्भर करता है ओर बारिश का कम ज्यादा होना फसल पर प्रभाव डालता हैं। फसलें खराब हो जाती हैं लेकिन सरकार इसके लिए कोई मुआवजा भी नहीं देती। किसान सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाता हैं। देश का पेट भरता हैं। किसानों के लिए कोई छोटा कोई बड़ा नहीं होता। चाहे वह मजदूर हो या फिर प्रधानमंत्री। हर वर्ग का पेट भरने का काम किसान करता है लेकिन आज किसान आत्महत्या की कगार पर आकर खड़ा हो गया है ना किसानों को मुआवजा मिल रहा हैं, बीज और दवाइयां भी महंगी हैं। कभी प्रकृति की मार तो कभी राजनीति की मार किसानों को झेलनी पड़ती हैं। बैंकों से लोन उठाना पड़ता है और लोन के लिए मात्र 15 दिन का समय दिया जाता है। अगर लोन समय पर नहीं भरा जाता तो जमीन और घर जब्त कर दिए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को मुआवजे का प्रबंध करें इसके लिए वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात को मुख्यमंत्री तक पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मांगों को लेकर पहले मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा और फिर प्रधानमंत्री तक अपनी बात रखने के लिए वह दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।
