कुल्लू/ मनमिन्दर अरोड़ा – देवी-देवताओं के पुजारियों के साथ लगातार हो रहा भेदभाव कब तक सहन किया जाएगा। देवभूमि कुल्लू के पुजारियों में इसको लेकर भारी आक्रोश है। पुजारी कल्याण संघ के अध्यक्ष धनी राम चौहान ने कहा है कि अब सहन करने की हद हो चुकी है और इसका खामियाजा सरकार,प्रशासन व दशहरा कमेटी को भुगतना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि जब देव सदन का निर्माण हुआ था तो इसका उद्देश्य देव समाज को समर्पित करना था। लेकिन यहां तो विभाग ने अपना कब्जा जमा रखा है और पुजारियों के लिए कार्यालय के लिए भी कमरा नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा अब हद तो तब हो गई जब दशहरा कमेटी की बैठक से भी पुजारियों को दूर रखा गया। जबकि नियमानुसार पुजारी कल्याण संघ को भी इसमें शामिल किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि सरकार,प्रशासन, व दशहरा कमेटी शायद यह भूल रही है कि पुजारी देव समाज का अहम अंग है। पूजा के बिना देवी-देवता अपने स्थान से हिल भी नहीं सकते हैं और देव समाज में पुजारियों की भूमिका सूर्य उदय से लेकर दूसरे दिन रात खुलने तक होती है। यानिकि पुजारी 24 घण्टे देवी-देवताओं के अंग संग रहते हैं। उन्होंने कहा कि यदि दशहरा कमेटी का यही रवैया रहा तो पुजारी कल्याण संघ को दूसरे रास्ते अपनाने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि हम भी नहीं चाहते हैं कि दशहरा पर्व के दौरान देव कार्य में विघ्न पड़े। लेकिन उन्हें विश्वास में नहीं लिया गया तो इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। यही नहीं दशहरा पर्व के दौरान पुजारियों के आक्रोश के लिए भी दशहरा कमेटी को तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुजारियों की जायज मांगों को मान लेना चाहिए और दशहरा जैसे बड़े देव कार्यों में पुजारियों को भी विश्वास में लेना चाहिए। अन्यथा पुजारी कल्याण संघ को संघर्ष का विगुल बजाने के लिए तैयार होना पड़ेगा।
देवी-देवताओं के पुजारियों के साथ भेदभाव क्यों:धनी राम चौहान
Leave a comment
Leave a comment
