राहुल चावला,धर्मशाला (TSN)-मिनी मणिमहेश के नाम से विख्यात धर्मशाला के नडडी स्थित डल झील को पुर्नजीवन देने का कार्य शुरू हो गया है।पोकलेन के माध्यम से प्रथम चरण में झील से गाद निकाली जा रही है।गाद निकाले के बाद यह पता लगाया जाएगा कि झील में लीकेज कहां और किस स्तर पर हो रही है,जिससे कि लीकेज को रोककर झील के स्वरूप को बरकरार रखा जा सके।हालांकि प्रशासन की ओर से पहले जेसीबी के माध्यम से गाद निकालने का कार्य शुरू किया गया था,लेकिन गाद में जेसीबी के धंसने की वजह से काम नहीं हो पा रहा था,जिस कारण जेसीबी की जगह कि पोकलेन से गाद निकालने का कार्य शुरू किया गया है।हालांकि मौसम खराब था,लेकिन बारिश न होने के चलते पहले दिन अच्छा कार्य किया गया।
वहीं प्रशासन का कहना है कि यदि एक सप्ताह तक बारिश नहीं होती है तो झील के एक हिस्से से गाद निकालने का कार्य 3 से 4 दिनों में पूर्ण कर लिया जाएगा।गाद निकालने के बाद मिटटी के स्टेबलाइज होने उपरांत ही लीकेज रोकने की दिशा में कार्य किया जाएगा।जो फंड जो बीडीओ कार्यालय को उपलब्ध करवाया गया था, उसके तहत कार्य शुरू कर दिया गया है,जबकि अतिरिक्त फंड की मांग की गई है।अभी बीडीओ कार्यालय को इस कार्य हेतू 5 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं,जबकि 10 लाख रुपये की ओर स्वीकृति का आग्रह किया गया है।
उधर,बीडीओ धर्मशाला अभिनीत कात्यायन का कहना है कि लेकमैन द्वारा डल झील के निरीक्षण के दौरान जो सुझाव व डीपीआर तैयार करके दी थी,उसी अनुरूप कार्य किया जा रहा है।अभी जो राशि प्राप्त हुई है,उसके तहत झील के 10 से 15 मीटर हिस्से में काम किया.
