By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Summer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - HimachalSummer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - Himachal
Aa
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
Reading: विश्व बैंक की प्रदेश के ग्रीन रेजीलिएंट इंटेग्रेटिड प्रोग्राम में रूचि,2025 तक हरित ऊर्जा राज्य बनाने का हैं लक्ष्य
Share
Summer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - HimachalSummer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - Himachal
Aa
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
Search
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
  • Home
  • Himachal
  • Political
  • Health
  • Education
© 2022 Dawn News Network Pvt Ltd. | News Media Company | All Rights Reserved.
Summer News Himachal | No.1 Web Channel in Shimla - Kasol - Himachal > Blog > himachal > विश्व बैंक की प्रदेश के ग्रीन रेजीलिएंट इंटेग्रेटिड प्रोग्राम में रूचि,2025 तक हरित ऊर्जा राज्य बनाने का हैं लक्ष्य
himachal

विश्व बैंक की प्रदेश के ग्रीन रेजीलिएंट इंटेग्रेटिड प्रोग्राम में रूचि,2025 तक हरित ऊर्जा राज्य बनाने का हैं लक्ष्य

admin
admin 4 Min Read
Updated 2023/02/07 at 10:56 AM
Share
ब्यूरो, शिमला: विश्व बैंक की टीम ने प्रदेश के लिए ग्रीन रेजीलिएंट इंटेग्रेटिड प्रोग्राम पर विशेष रूचि दिखाई जिस पर लगभग 2500 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को यहां दक्षिण एशिया क्षेत्र के क्षेत्रीय निदेशक (सतत विकास) जॉन रूमे के नेतृत्व में विश्व बैंक की टीम के साथ बैठक के दौरान प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य बनाने की अवधारणा पर चर्चा की। इस दौरान विश्व बैंक की सहायता से वर्ष 2025 तक प्रदेश को हरित ऊर्जा राज्य बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के उठाए जाने वाले विभिन्न कदमों पर भी चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने बताया कि विश्व बैंक की टीम ने प्रदेश के लिए ग्रीन रेजीलिएंट इंटेग्रेटिड प्रोग्राम पर विशेष रूचि दिखाई जिस पर लगभग 2500 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे। यह राशि तकनीकी समीक्षा के आधार पर बढ़ाई भी जा सकती है। उन्होंने कहा कि विश्व बैंक की टीम के इस दौरे के सफल परिणाम सामने आएंगे जिससे प्रदेश सरकार की ओर से हिमाचल प्रदेश को वर्ष 2025 तक हरित ऊर्जा राज्य बनाने के लक्ष्य को पाने में सहायता मिलेगी। प्रदेश सरकार ने आगामी नौ महीनों में 200 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। राज्य सरकार वर्ष 2024 के अंत तक 500 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए भूमि अधिग्रहण पर कार्य कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में इलैक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित कर रही हैं जिससे प्रदेश का वातावरण भी संरक्षित रहेगा। प्रथम चरण में आगामी वर्ष तक अधिकतम विभागों में इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रयोग किया जाएगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि विश्व बैंक इस संबंध में विभिन्न कार्यक्रमों के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करेगा।
प्रदेश सरकार राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन ऊर्जा मिशन की तर्ज पर प्रदेश में वृहद् स्तर पर उत्पादन से लेकर उपयोग तक कार्यप्रणाली पर कार्य करने के लिए प्रयासरत है। हालांकि ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन की तकनीक महंगी है लेकिन सरकार इस संबंध में इंडियन ऑयल कॉर्परेशन से परामर्श लेगी जो भारत में ग्रीन हाईड्रोजन आर्थिकी के लिए अग्रणी कदम उठा रही हैं। इसके तहत देश के उत्तर-पूर्व क्षेत्र में प्रथम ग्रीन हाईड्रोजन संयंत्र आरंभ किया गया हैं। प्रदेश सरकार राज्य में कार्बन डाईऑक्साईड को घटा कर प्रदेश को प्रथम प्रदूषण रहित राज्य बनाने के लिए प्रयासरत है।
जोन रूमे ने मुख्यमंत्री द्वारा हरित ऊर्जा एवं स्वच्छ राज्य के लक्ष्य को प्राप्त करने की दूरदर्शिता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास एक अच्छी शुरूआत प्रदान करते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इलैक्ट्रिक वाहन नीति को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाएगा ओर शीघ्र ही विश्व बैंक की एक टीम तकनीकी समीक्षा के लिए प्रदेश का दौरा करेगी।
बैठक के दौरान प्रदेश में विश्व बैंक द्वारा भविष्य में विभिन्न कार्यक्रमों के कार्यान्वयन की गतिविधियों पर भी चर्चा की गई जिसमें सतत् वन प्रबंधन, सामुदायिक वानिकी, पारिस्थितिक सेवाएं, आपदा प्रबंधन के अलावा तटों, जल स्त्रोत प्रबंधन, प्रकृति आधारित पर्यटन ओर पारिस्थितिक सेवाओं का भुगतान शामिल है। विश्व बैंक ने इन प्रस्तावित परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए सहायता प्रदान करने की सहमति प्रदान की।  इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ओर अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
TAGGED: green energy, Green Resilient Integrated Program, Shimla, World Bank
admin February 7, 2023
Share this Article
Facebook TwitterEmail Print
Previous Article 9.50 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा धरेड़-पट्टा सड़क का विस्तारीकरण
Next Article कसौली को पर्यटकों का पसंदीदा टूरिस्ट स्टेशन बनाने के लिए मास्टर प्लान तैयार
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Browse by Category
  • Accident
  • Business /Employement
  • crime
  • education
  • election
  • festival
  • health
  • himachal
  • News
  • political
  • political
  • Religion
  • Sports
  • Uncategorized
  • weather
  • शख़्सियत

You Might Also Like

चुनावी शोर के बीच मिसाल बने वीरेंद्र कुमार, खुद श्रमदान कर ठीक करवाई टूटी सोलर लाइट

Ago

पंचायत चुनाव 2026: तैयारियों को लेकर प्रशासन अलर्ट, उपायुक्त ने अधिकारियों को दिए अहम निर्देश

Ago

सैहब कर्मियों की हड़ताल खत्म,शुक्रवार से काम पर लौटेंगे कर्मी, 10 फीसदी वेतन में बढ़ोतरी के आश्वासन पर खत्म की हड़ताल

Ago

देवेंद्र भुट्टो का वीरेंद्र कंवर पर पलटवार, बोले- महत्वाकांक्षाओं के कारण दे रहे बयान

Ago

1058, Mall Enclave, DAYAL NAGAR,
Ludhiana, Punjab 141001

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?