अरविंदर सिंह,हमीरपुर(TSN): ग्रामीण विकास विभाग और पंचायती राज विभाग में विलय को लेकर हड़ताल पर बैठे जिला परिषद कैडर कर्मचारी महासंघ की हड़ताल बुधवार को 19 वें दिन में प्रवेश कर गई हैं। महासंघ के सदस्यों का कहना है कि अब उनकी आखिरी उम्मीद प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह से लगी हैं, अब वही उनकी इस मांग को पूरा करके इस वर्ग को राहत दे सकते हैं।
जिला परिषद कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि भाजपा की वजह से ही आज वह लोग हड़ताल करने के लिए मजबूर हुए हैं। भाजपा ने उन्हें धोखा दिया था सिर्फ आश्वासन देकर यह कहा था कि उनकी मांग को पूरा किया जाएगा लेकिन कुछ नहीं किया। कांग्रेस सरकार ने उन्हें आश्वासन दिया था कि उनकी इस मांग पर कदम उठाया जाएगा। अब उन्हीं से आखरी उम्मीद बची हैं।
उन्होंने कहा कि जिला परिषद के कर्मचारी 29 विभागों का कामकाज देखते हैं लेकिन वह लोग किस विभाग के अंदर आते हैं यही उन्हें पता नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जिला परिषद के कर्मचारी जिस दिन से हड़ताल पर चले गए हैं पंचायत में कामकाज ठप हो गया हैं। वह खुद नहीं चाहते कि लोगों के विकास से जुड़े काम रुक लेकिन अपने भविष्य को देखते हुए मजबूरन उन्हें इस हड़ताल पर जाना पड़ा हैं। सरकार जल्द उनकी मांग को हल कर उन्हें दोबारा काम पर लौटने का रास्ता बनाएं ताकि किसी को भी परेशानी ना हो।
जिला परिषद कैडर कर्मचारी महासंघ इकाई हमीरपुर के अध्यक्ष नरेंद्र ठाकुर ने बताया कि विभाग की ओर से जो भी नोटिस जारी किए जा रहे है उसका असर महासंघ को होने वाला नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी हमेशा से सरकार के हर कार्य को पूरी निष्ठा से करते रहे हैं आगे भी करते रहेंगे लेकिन महासंघ केवल मात्र एक ही मांग पर अडिग है और रहेगी जब तक विभाग में विलय संबंधी निर्णय नहीं लिया जाता तब तक हमारी हड़ताल ऐसे ही जारी रहेगी ।
उन्होंने कहा कि पंचायती राज मंत्री के साथ दो बार वार्ता हो चुकी है लेकिन अभी तक कोई भी फैसला नहीं हो पाया हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सूक्खु उनके विषय पर ध्यान देंगे और जल्द मांग को पूरा करेंगे। वहीं भाजपा की ओर से जिला परिषद अधिकारी व कर्मचारी महासंघ की मांग का समर्थन करने पर नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि भाजपा की ओर से उनकी मांगे नहीं माने जाने के कारण उन्हें हड़ताल करनी पड़ रही हैं। उन्होंने भाजपा पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया ।
