सोलन : योगेश शर्मा – नगर निगम के कांग्रेसी पार्षदों के बीच खींचतान कम नहीं हो रही है। कांग्रेस ने अपने ही चार पार्षदों के बैठक में न आने पर विकास कार्यों का बजट रोक लिया है। ये वे पार्षद है जिन्होंने मेयर और डिप्टी मेयर के खिलाफ विधानसभा चुनाव से पहले अविश्वास प्रस्ताव लाया था। लेकिन सदस्यों की संख्या पूरी न होने पर उपायुक्त ने अविश्वास प्रस्ताव की खारिज कर दिया था। वहीं 23 जनवरी को हुई नगर निगम की बैठक में ये चार पार्षद नहीं आए थे। जिसके बाद मेयर पूनम ग्रोवर ने कार्रवाई करते हुए इन पार्षदों के वार्ड में विकास कार्यों को जारी होने वाला 20 लाख रुपये का बजट रोक लिया है।
नगर निगम में एक बार फिर राजनीति गरमा गई है और कांग्रेसी पार्षदों की गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। हालांकि इस बैठक में दो अन्य पार्षद जिसमें एक पार्षद भाजपा और एक कांग्रेस से भी मौजूद नहीं थे। लेकिन इन दोनों पार्षदों ने बैठक में न आने के बारे में पहले ही सूचित कर दिया था। जिसके बाद इन दो पार्षदों को विकास बजट दे दिया है।
पार्षद वार्ड में विकास कार्य करवाने के लिए नहीं है गंभीर
नगर निगम सोलन की मेयर पूनम ग्रोवर ने बताया कि बैठक में खासकर वार्ड 4 से संगीता ठाकुर, वार्ड 7 से पूजा, वार्ड 10 से ईशा पराशर, वार्ड 17 के पार्षद सरदार सिंह मौजूद नहीं थे। इन पार्षदों ने जरनल हाउस से पहले होने वाली उप कमेटियों की बैठक से भी दूरी बनाई थी। जिसके बाद जरनल हाउस से इन पार्षदों ने दूरी बनाई और उसका खामियाजा भुगताना पड़ रहा है और इन पार्षदों को बजट ही नहीं जारी हुआ। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि यदि पार्षदों का बजट रोका गया है ,तो उस वार्ड के विकास कार्य नहीं होंगे । उस वार्ड के लोग नगर निगम में आकर अपने कार्यों के बारे में बता सकते हैं । इसके बाद निगम की टीम मौके पर जाकर एस्टीमेट तैयार कर उन कार्यों को पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि पार्षद विकास कार्य को करने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं और पार्षद होने के बावजूद भी वे लोग वार्ड में होने वाले विकास कार्यों के प्रति गंभीर नहीं है। ऐसे में इन पार्षदों का बजट रोका गया है।
बता दें कि वार्डों में विकास कार्यों के शुरू करवाने के लिए लोग इंतजार कर रहे हैं। लेकिन बजट के अभाव में इन चार वार्डों में विकास कार्य शुरू नहीं हो पाएंगे। वहीं अब यह देखना होगा कि पार्षदों की गुटबाजी खत्म करने के लिए कांग्रेस क्या प्रभावी कदम उठाएगी।
