शिमला, संजू: हिमाचल प्रदेश में शनिवार को प्रधानों से लेकर जिला परिषद तक चुने हुए प्रतिनिधियों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। हालांकि, शिमला में जिला परिषद सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह विवादों में घिर गया। शिमला डीसी कार्यालय स्थित बचत भवन में आयोजित समारोह के दौरान उपायुक्त ने सदस्यों के अलावा सभी लोगों को हॉल से बाहर जाने के निर्देश दिए। इस पर मौके पर मौजूद भाजपा नेताओं ने विरोध जताया। भाजपा नेताओं ने उपायुक्त का घेराव किया और उनके खिलाफ नारेबाज़ी की। इस दौरान उपायुक्त को बचत भवन से बाहर निकलने में भी कठिनाई का सामना करना पड़ा। भाजपा नेताओं का आरोप है कि डीसी शिमला मुख्यमंत्री के इशारे पर काम कर रहे हैं।
भाजपा के राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने कहा कि वे वर्ष 2000 से शपथ ग्रहण समारोहों में शामिल होते रहे हैं, लेकिन ऐसा पहली बार देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि पहले ऐसे समारोहों में हॉल खचाखच भरे रहते थे। आज भी अन्य जिलों में बीडीसी और जिला परिषद सदस्यों का शपथ ग्रहण हो रहा है, लेकिन शिमला में अलग तरह की व्यवस्था देखने को मिली। उन्होंने सवाल उठाया कि राज्य सरकार को किस बात का डर है। हर्ष महाजन ने दावा किया कि जिला परिषद अध्यक्ष पद के लिए भाजपा के पास पर्याप्त संख्या बल है और भाजपा ही जीत दर्ज करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार का पंचायती राज संस्थाओं पर भरोसा नहीं है और पहले भी सरकार ने न्यायालय में चुनाव टालने का प्रयास किया था। उन्होंने मुख्यमंत्री के हालिया बयान को भी दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए डीसी शिमला की कार्रवाई को गलत ठहराया।इस दौरान पूर्व शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ अधिकारी सरकार के एजेंट की तरह कार्य कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई अधिकारी लोकतांत्रिक मूल्यों की परवाह किए बिना मुख्यमंत्री के निर्देशों पर काम कर रहे हैं। सुरेश भारद्वाज ने कहा कि जिला परिषद चुनाव में कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा है, इसलिए शपथ ग्रहण समारोह से सदस्यों के परिजनों, समर्थकों और मीडिया को बाहर रखा गया। उन्होंने कहा कि पंचायत से लेकर राष्ट्रपति तक के शपथ ग्रहण समारोहों में आमजन और परिवारजन की उपस्थिति सामान्य बात रही है, लेकिन शिमला में सभी को बाहर निकाल दिया गया। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे किसी राजनीतिक दल या सरकार के एजेंट की तरह काम न करें। साथ ही आरोप लगाया कि पंचायती राज चुनावों के दौरान भी सरकार ने नियमों की अनदेखी की है।
भाजपा के शिमला जिलाध्यक्ष केशव चौहान ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शपथ ग्रहण समारोह से सदस्यों के रिश्तेदारों और समर्थकों को बाहर निकालना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को सत्ता अपने हाथ से निकलती दिखाई दे रही है और इसी कारण इस प्रकार के कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिला परिषद सदस्य जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि हैं और उन्हें अपने परिवार व समर्थकों की उपस्थिति में शपथ लेने का अधिकार मिलना चाहिए। केशव चौहान ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने अपनी राजनीतिक हार छिपाने के लिए यह कदम उठाया है।
