शिमला/कमल भारद्वाज– इंदिरा गांधी मेडिकल कालेज (आइजीएमसी ) में 23 दिसंबर से 50 प्रतिशत डाक्टर छुट्टी पर होंगे। इन दिनों आधे ही डाक्टर अस्पताल में अपनी सेवाएं देंगे। अस्पताल की अतिरिक्त जिम्मेदारी इन डाक्टरों पर होगी। इस दौरान अस्पताल के 23 विभागों के डाक्टर शीतकालीन अवकाश पर होंगे।
सर्दियों में डाक्टरों को दो बार छुट्टी पर भेजा जाता है
अस्पताल में मरीज अपना चेकअप करवाने के लिए आ रहें है ,तो पहले डाक्टर की छुट्टी के बारे में पता कर लें। ताकि छुट्टी डाक्टरों की कमी के चलते उन्हें यहां पर भटकना पड़ा। आइजीएमसी में शिमला ही नहीं अन्य राज्य से भी लोग अपना इलाज करवाने के लिए आते है। अस्पताल में रोजाना तीन हजार से ज्यादा मरीज अपना इलाज करवाने के लिए आते है। सर्दियों में डाक्टरों को दो बार छुट्टी पर भेजा जाता है।
पहले चरण में 50 प्रतिशत ओर दूसरे चरण में बाकी को छुट्टी में भेजा जाता है। सर्दियों में अस्पताल में ओपीडी कम होती है। अस्पताल में नवंबर व दिसंबर में अधिक मरीज रुटीन चेकअप करवाने के लिए पहुंचते है। मरीजों को दिक्कत का सामना न करना पड़े, इसके लिए अस्पताल में 50 प्रतिशत डाक्टर ओपीडी में सेवाएं देंगे। सबको उचित व्यवस्था करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
आईजीएमसी में डाक्टरों के छुट्टी पर जाने से ओपीडी खाली नहीं रहेगी। इनकी जगह जूनियर डॉक्टर मरीजों का ईलाज करेंगे। जब पहला बैच छुट्टी से वापिस आ जाएगा तब दूसरे बैच के डाक्टर छुट्टी परजाएंगे।
