केलांग: देश में आज वर्ष 2014 के मुकाबले आज 1.85 लाख मेगावाट बिजली उत्पादन अधिक हो रहा है। वर्ष 2014 में जहां बिजली उत्पादन 2.48 लाख मेगावाट था वहीं आज 4 लाख मेगावाट उत्पादन हो गया है। यह बात आज लाहौल के उदयपुर में आयोजित बिजली महोत्सव में तकनीकी शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी एवं जनजातीय विकास मंत्री डॉ. रामलाल मार्केंडेय ने कही। उन्होंने कहा कि लाहौल में बिजली के सभी पुराने पोल बदले जा चुके हैं तथा भूमिगत विद्युत लाइन पर कार्य चल रहा है। साथ ही सरकार स्मार्ट।विद्युत मीटर लगाने का कार्य भी चलेगा। पर्यटन के बढ़ने के चलते बिजली की मांग में भी वृद्धि हो रही है।
उन्होंने कहा कि 24 करोड़ 30 लाख से थिरोट से उदयपुर के बीच नई आधुनिक विद्युत लाइन बिछाई जाएगी। अटल टनल रोहतांग के बनने से भूमिगत लाइन बिछाई गई है जिससे जाड़ों के मौसम में भी बिजली की आपूर्ति बिना बाधा के बनी रहती है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की कीमत पर हाइडल प्रोजेक्ट नहीं बनने चाहिए, बल्कि इको फ्रेंडली मोडल
के हाइडल प्रोजेक्ट पर कार्य होना चाहिए।
मार्कडेय ने कहा कि इस आंकडों से पता चलता है कि केंद्र सरकार उर्जा के क्षेत्र में लोगों के कल्याण के लिए कितनी गंभीर है। उन्होंने कहा कि वन ग्रिड वन नेशन के संकल्प को पूरा करने के लिए 1.63 किमी. ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण किया गया है और आज भारत लद्दाख से कन्याकुमारी तक और कच्छ से मयांमार सीमा तक दुनिया में सबसे बड़े एकीकृत ग्रिड के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार वर्ष 2030 तक उर्जा जरूरतों का 50 फीसदी उपभोग नवीन और नवीकरणीय उर्जा से प्राप्त करेगा, इस दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में सराहनीय प्रयास जारी हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश की औसत बिजली उपलब्धता 22 घंटे से ज्यादा हो गई है जोकि पहले 12 घंटे की करीब थी। उन्होंने लोगों को अक्षय उर्जा के साधनों को प्रयोग करने पर बल दिया। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का धन्यवाद करते हुए कहा कि 125 यूनिट मुफ्त बिजली मिलने से प्रदेश के आम आदमी को अभूतपूर्व लाभ पहुंचा है ओर लाहौल स्पीति में बिजली के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए गए है।
इस मौके पर कलाकारों ने जागरूकता कार्यक्रम के तहत दो नुक्कड़ नाटक इस दौरान प्रस्तुत किए। वहीं देश की उर्जा जरूरतों को पूरा करने व बिजली बचत के लिए केंद्र सरकार के प्रयासों को लेकर आधा दर्जन लघु चलचित्रों को भी दिखाया गया जिसकी लोगों ने जमकर सराहना की। सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों ने भी आम लोगों से सीधा संवाद स्थापित कर अपने अनुभव साझा किए।
