राहुल चावला, धर्मशाला: अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के अवसर पर गुरुवार को कांगड़ा कला संग्रहालय में 3 दिवसीय कला कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला 18 मई से 20 मई तक चलेगी जिसमें 3 दिन तक काष्ठकला, सुलेख लिपि प्रदर्शनी कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। 3 दिन तक चलने वाली इस कार्यशाला में विभिन्न कलाकारों की ओर से प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्कूली छात्रों को विभिन्न कलाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी।
कार्यशाला के पहले दिन यानी गुरुवार को पंजाब से आए कलाकार हरीश वर्मा ने विभिन्न स्कूलों जिसमे कन्या विद्यालय धर्मशाला, सकोह, कंड, दाड़ी के बच्चों को कैलिग्राफर का लाइव डेमो देकर इस कला से रूबरू करवाया गया।
कैलिग्राफर हरीश वर्मा ने बताया की कई लोग इस कला से बिछड़ते जा रहे है ओर आज पहली बार हिमाचल में मेरी ओर से इस कला प्रदर्शन किए गया हैं। लुप्त होती जा रही इस कला को बढ़ावा देने के लिए आवश्यकता है की स्कूलों में जाकर निशुल्क प्रशिक्षण बच्चों को प्रदान किया जाए ताकि वह भी इस कला के बारे में जाने ओर इसमें अपनी रुचि दिखाए। इसके साथ ही चंबा से आए हुक्कुम चंद ने बूडन क्राफ्ट की प्रदर्शनी लगाई जिसमें लकड़ी से बने विभिन्न बर्तन रखे गए।
हुकुम चंद का कहना है की वह 30 से अधिक सालों से यह कार्य कर रहे हैं और यह देन उनके पूर्वजों की देन हैं। उनकी ओर से लगाई गई प्रदर्शनी में स्कूली छात्रों ने बड़ चढ़ कर भाग लिया उन्होंने कहा कि व इस कला का ज्ञान भी स्कूलों बच्चों के दे रहे है ताकि स्कूली बच्चों के जरिये यह कला जीवित रह सके।
