सोलन -:भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुरेश कश्यप ने राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत हिमाचल प्रदेश में उपलब्ध धनराशि के उपयोग और वार्षिक कार्ययोजना प्रस्तुत करने में हुई देरी को लेकर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि उपलब्ध संसाधनों का समयबद्ध उपयोग न होना सरकार की कार्यप्रणाली और विभागीय जवाबदेही पर सवाल खड़े करता है।
कश्यप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत दून विधानसभा क्षेत्र के बद्दी में आयोजित रक्तदान शिविर में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए रक्तदान को मानव सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
राष्ट्रीय आयुष मिशन से संबंधित समाचार रिपोर्ट का हवाला देते हुए कश्यप ने कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 में 77.47 करोड़ रुपये के स्वीकृत आवंटन में से 39.59 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि 21.27 करोड़ रुपये शेष रहे। वर्ष 2023-24 में 73.18 करोड़ रुपये के स्वीकृत आवंटन के मुकाबले 55.89 करोड़ रुपये खर्च हुए और वर्ष के अंत में 27.56 करोड़ रुपये शेष थे।
उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में भी संबंधित खाते में 38.35 करोड़ रुपये शेष थे, जबकि उस वर्ष केवल 21.42 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
कार्ययोजना में करीब दो महीने की देरी का मुद्दा उठाया
कश्यप ने कहा कि रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 के लिए राज्य की वार्षिक कार्ययोजना जमा करने की अंतिम तिथि 15 मार्च 2024 थी, जबकि हिमाचल प्रदेश ने इसे 17 मई 2024 को प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि निर्धारित समयसीमा के बाद कार्ययोजना जमा किए जाने के कारणों को सरकार को स्पष्ट करना चाहिए।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि केंद्र के दिशा-निर्देशों के तहत अगली किस्त प्राप्त करने के लिए निर्धारित उपयोगिता प्रमाणपत्र और नोडल एजेंसी के खाते में राशि से संबंधित शर्तों के अनुपालन की स्थिति क्या रही।
पिछले तीन वर्षों का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग
कश्यप ने प्रदेश सरकार से राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत पिछले तीन वित्त वर्षों की स्वीकृत धनराशि, वास्तविक व्यय, शेष राशि, कार्ययोजनाओं की स्थिति और लंबित परियोजनाओं का विस्तृत विवरण सार्वजनिक करने की मांग की।उन्होंने कहा कि सरकार को यह भी बताना चाहिए कि 2024-25 के अंत में शेष 38.35 करोड़ रुपये के उपयोग के लिए क्या योजना बनाई गई है और संबंधित परियोजनाओं को पूरा करने की समयसीमा क्या है।
कश्यप ने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता को देखते हुए आयुष मिशन के तहत उपलब्ध संसाधनों का पारदर्शी और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

