विकास शर्मा, चिंतपूर्णी: शिक्षक दिवस के अवसर पर सोमवार को नंगल चौक में शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस समारोह का आयोजन समाजसेवी कैप्टन संजय पराशर ने किया। कार्यक्रम में जसवां-परागपुर क्षेत्र के 539 शिक्षकों को सम्मानित किया। इसके साथ ही संजय ने इस कार्य्रकम में सार्वजनिक क्षेत्र में सेवाएं दे चुके वाले 284 सेवानिवृत्त कर्मचारियों व अधिकारियों को भी सम्मानित किया। शिक्षक दिवस पर पराशर ने उनकी ओर से संचालित इंग्लिश लर्निंग सेंटर्स के 80 विद्यार्थियों को भी पुरस्कृत किया।
इस मौके पर संजय ने कहा है कि शिक्षक का ज्ञान जीवन को उज्जवलित करता है। गुरू-शिष्य परंपरा भारत की सनातन संस्कृति का अहम और पवित्र हिस्सा रही है। शिक्षक ही हमें जीवन का के कठिन संघर्षों के रास्तों पर चलने के लिए तैयार करते हैं। जीवन और अपने परिवेश को सुंदर और उपयोगी बनाने का मार्ग के पथ-प्रदर्शक भी शिक्षक ही हाेते हैं। वही हमारे जीवन को सजाते व संवारते है। उन्होंने कहा कि उनकी दृष्टि में जीवन को सही अर्थों में जीने और इस संसार को खूबसूरत बनाने की कला सिखाने वाले शिक्षक ही वरेण्य हैं, सम्माननीय है। आज शिक्षकों को दिया जा रहा सम्मान सही मायनों में उन्हें गर्वित कर रहा है।
उन्होंने अपने जीवन को सफल बनाने के लिए अपने गुरूओं का आभार जताते हुए कहा कि आज वो जो कुछ भी हैं, उसके पीछे उनके शिक्षकों का ही सबसे बड़ा योगदान रहा है। कहा कि शिक्षक उस माली के समान होते हैं, जो एक ही बागीचे को अलग-अलग रूप-रंग के फूलाें को सजा देते हैं। इतना ही नहीं शिक्षक ही अपने विद्यार्थियों में राष्ट्र चरित्र का भी निर्माण करते हैं। कहा कि गुरू की महिमा का वर्णन करना बहुत मुश्किल काम है।
संजय ने कहा कि शिक्षक का हर किसी के जीवन में बहुत महत्व होता है और सच यही है कि आज वह जिस मुकाम पर भी पहुंचे है, अपने गुरूजनों की बदौलत ही यह सब संभव हो पाया है। बड़ी बात यह भी रही कि कैप्टन संजय ने शिक्षकों को सम्मानित करने से पहले उनके चरण भी छुए और उनका फूलमाला पहनाकर स्वागत किया। वहीं, सम्मानित हुए शिक्षकों में गोरालधार वंदना गुलेरिया, जंडौर से प्रियंका, परागपुर से वीरेन्द्र और टैरेस से शिक्षक अंकराज ने बताया कि संजय पराशर की ओर से शिक्षकों के सम्मान के लिए इतने बड़े स्तर पर आयोजन करना शिक्षा जगत से जुड़े सभी लोगों के लिए भी गर्व की बात है।
कार्यक्रम में पहुंचे टिक्कर गांव से लोक निर्माण विभाग के सेवानिवृत कर्मचारी राजेंद्र डोगरा विद्युत विभाग में सेवाएं प्रदान कर चुकीं विजया देवी ने कहा कि पराशर सामाजिक सरोकारों के लिए लंबे समय से काफी कुछ कर रहे हैं और समाज के हर वर्ग को लेकर साथ चलते हैं। पूर्व कर्मचारियों के लिए ऐसे सम्मान समारोह की शुरूआत पराशर ने ही की है। इसके लिए वह भी पराशर की सोच व विजन काे सलाम करते है।
