Shimla, 11 November,-मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज भारतीय सेना की सेंट्रल कमांड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर हिमाचल प्रदेश में सेना द्वारा कार्यान्वित की जा रही विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की।बैठक में जानकारी दी गई कि भारतीय सेना सीमावर्ती क्षेत्रों में 20 स्थानों पर विंड टरबाइन परियोजनाएं स्थापित करने की योजना बना रही है, जिसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा चुकी है। इन परियोजनाओं से प्रतिवर्ष 68,000 से 80,000 किलोवाट घंटे ऊर्जा उत्पन्न होने की संभावना है, जो लगभग 120 से 160 घरों को बिजली प्रदान करने के लिए पर्याप्त होगी।
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की ओर से सेना की परियोजनाओं को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सेना और राज्य सरकार के बीच समन्वय से न केवल रक्षा संबंधी आवश्यकताओं को बल मिलेगा, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सतत ऊर्जा और पर्यटन विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।मुख्यमंत्री ने संतोष व्यक्त किया कि सेना और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से शुरू की गई सीमा पर्यटन पहल को उत्साहजनक परिणाम मिले हैं। वर्ष 2024 में जहां सीमावर्ती क्षेत्रों में लगभग 21,000 पर्यटक पहुंचे थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 70,000 से अधिक हो गई है — जो लगभग साढ़े तीन गुना वृद्धि दर्शाती है।
सीएम सुक्खू ने निर्देश दिए कि सीमावर्ती क्षेत्रों में आने वाले पर्यटकों के लिए आवास, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाएं सुदृढ़ की जाएं ताकि उनका अनुभव बेहतर हो सके। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने शिपकी-ला दर्रे के माध्यम से भारत-चीन व्यापार को पुनः आरंभ करने हेतु केंद्र सरकार को पत्र भेजा है और सकारात्मक संकेत प्राप्त हुए हैं। भारत और चीन ने लिपुलेख, शिपकी-ला और नाथू-ला दर्रों के माध्यम से सीमा व्यापार दोबारा खोलने पर सहमति जताई है।मुख्यमंत्री ने रंगरिक में प्रस्तावित हवाई अड्डे की प्रगति की भी समीक्षा की और सेना से इस परियोजना पर कार्य में तेजी लाने का आग्रह किया, ताकि क्षेत्र में पर्यटन और संपर्कता को बल मिल सके।बैठक में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
