Shimla, 11 November-:सम्मानजनक और समान अवसर वाला वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज शिमला के बचत भवन में “कार्यस्थल पर महिलाओं के प्रति लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम, 2013” अर्थात पोश अधिनियम पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।कार्यशाला की अध्यक्षता राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर रहाटकर ने की।
अपने संबोधन में रहाटकर ने कहा कि महिलाओं के प्रति किसी भी प्रकार के उत्पीड़न को रोकना केवल कानून का नहीं, बल्कि समाज का सामूहिक दायित्व है।उन्होंने कहा कि जागरूकता और संवेदनशीलता ही पोश अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन की सबसे बड़ी कुंजी है।उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग का उद्देश्य केवल शिकायतों का निवारण नहीं, बल्कि ऐसी सुरक्षित और संवेदनशील कार्य संस्कृति का निर्माण करना है, जहां महिलाएं आत्मविश्वास और गरिमा के साथ कार्य कर सकें। रहाटकर ने सभी संस्थानों को अपने-अपने कार्यालयों में पोश नीति को सशक्त रूप से लागू करने, शिकायत समितियों को नियमित रूप से सक्रिय रखने तथा महिला कर्मचारियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया।
कार्यशाला के दौरान उन्होंने प्रतिभागियों के साथ सीधा संवाद किया और पोश अधिनियम से जुड़े प्रश्न पूछे। रहाटकर ने सभी समितियों को एक सप्ताह के भीतर बैठक आयोजित करने और उसकी रिपोर्ट एडीसी कार्यालय शिमला को भेजने के निर्देश दिए। साथ ही, जिला प्रशासन को सभी रिपोर्टें राष्ट्रीय महिला आयोग को प्रेषित करने को कहा।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा विद्या नेगी ने कहा कि राज्य आयोग महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत है और सभी संस्थानों में महिलाओं को सुरक्षित कार्यस्थल उपलब्ध करवाने के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के सही अनुपालन से न केवल महिलाओं को सुरक्षा मिलेगी बल्कि कार्यस्थल की उत्पादकता और संवेदनशीलता भी बढ़ेगी।
अतिरिक्त उपायुक्त शिमला दिव्यांशु सिंघल ने प्रशासनिक स्तर पर पोश अधिनियम के प्रभावी कार्यान्वयन के उपाय साझा किए और सभी विभागों से सहयोग की अपील की। उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष सहित सभी अतिथियों का स्वागत किया।का
र्यशाला में प्रतिभागियों को पोश अधिनियम की प्रक्रियाओं और शिकायत निवारण तंत्र की विस्तृत जानकारी दी गई। एडवोकेट आस्था कोहली, राष्ट्रीय महिला आयोग की रिसोर्स पर्सन, ने अधिनियम के प्रावधानों पर प्रेजेंटेशन प्रस्तुत की।
यह रहे उपस्थित:
राज्य महिला आयोग की सदस्य रीना पंडीर, एडीसी सोलन राहुल जैन, एएसपी शिमला नवदीप सिंह, प्रधान निजी सचिव राष्ट्रीय महिला आयोग रामावतार सिंह, एडीएम सिरमौर एल.आर. वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
