मंत्री ने गुम्मा, खलटू नाला, बगैन, देवरी-खनेटी और चाशला-देवरीघाट क्षेत्रों का निरीक्षण करते हुए बताया कि उपमंडल की लगभग 95 प्रतिशत सड़कें बहाल कर दी गई हैं। शेष मार्ग भी शीघ्र खोले जाएंगे ताकि बागवानों की उपज समय पर मंडियों तक पहुंच सके।उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग के अधीन लगभग 300 सड़कों को अब तक करीब 170 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इनमें से अकेले ठियोग-हाटकोटी सड़क को ही लगभग 40 करोड़ रुपये की क्षति हुई है।
सेब सीजन के बाद पक्की मरम्मत
ठाकुर ने बताया कि वर्तमान में प्राथमिकता सेब सीजन को सफलतापूर्वक निपटाना है। सीजन के बाद सड़कों की पक्की मरम्मत, डंगे निर्माण और अन्य क्षतिपूर्ति कार्य शुरू किए जाएंगे। अब तक लगभग डेढ़ करोड़ सेब की पेटियां मंडियों तक पहुंच चुकी हैं, जो कुल उत्पादन का लगभग 60 प्रतिशत है। शेष 40 प्रतिशत को भी समय पर बाजार तक पहुंचाने के लिए व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
37 एप्पल कलेक्शन सेंटर सक्रिय
मंत्री ने कहा कि उपमंडल के सभी 37 एप्पल कलेक्शन सेंटर क्रियाशील कर दिए गए हैं। इनके माध्यम से अब तक लगभग 11 हजार मीट्रिक टन सेब की खरीद की जा चुकी है, जिसमें से 7 हजार मीट्रिक टन सेब को अन्य मंडियों में भेजा गया है।
प्रभावितों को मिले समय पर सहायता
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक प्रभावित परिवार तक अधिक से अधिक लाभ पहुंच सके और लोग सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।
आपदा राहत मैनुअल में संशोधन
मंत्री ने जानकारी दी कि उपमंडल में अब तक 8 मकान पूरी तरह तथा 40 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। सरकार ने आपदा राहत मैनुअल में ऐतिहासिक संशोधन किए हैं, जिसके तहत राहत राशि में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।उन्होंने यह भी बताया कि उपमंडल में जल एवं विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई है। आपदा के समय बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों की सराहना करते हुए मंत्री ने भविष्य में भी समन्वय और तत्परता से कार्य करने का आह्वान किया।इस मौके पर पूर्व मंडल अध्यक्ष मोतीलाल डेरटा, उपमंडलाधिकारी कोटखाई, विभिन्न विभागों के अधिकारी और पंचायत प्रतिनिधि मौजूद रहे।
