नीरज डोगरा, शिमला: सिरमौर के हाटी समुदाय को जनजातिय दर्जा मिलने के बाद अब शिमला के डोडरा क्वार को भी जनजातीय क्षेत्र घोषित करने की मांग उठने लगी है। जिला परिषद की बैठक में बुधवार को बाकायदा इसके लिए प्रस्ताव पारित कर सरकार को भेजा गया है। बैठक में जिला परिषद सदस्य मोनीता चौहान ने यह मामला सदन के समक्ष रखा।
उन्होंने कहा कि डोडरा क्वार काफी पिछड़ा क्षेत्र है और इस क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियां भी अलग है। 5 महीने यह क्षेत्र बर्फबारी के चलते बंद रहता है और उत्तराखंड के साथ यह क्षेत्र लगता है जिसकी वजह से इस क्षेत्र को जनजातीय क्षेत्र घोषित करने की मांग की जा रही है, लेकिन सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि किन्नौर, लाहौल स्पिति, भरमौर पांगी पहले से ही जनजतीय क्षेत्र हैं ओर इस क्षेत्र को आज तक अनदेखा किया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने सिरमौर के हाटी क्षेत्र को जनजतीय क्षेत्र घोषित किया है हम उसका स्वागत करते है,लेकिन डोडरा क्वार को भी इसमें शामिल किया जाए। इसको लेकर बुधवार को जिला परिषद की बैठक में यह मामला उठाया था और सभी सदस्यों की सहमति से प्रस्ताव पारित कर सरकार को भेजा गया है। सदस्यों ने सरकार से डोडरा क्वार को भी जनजातिय क्षेत्र का दर्जा देने की मांग की है, ताकि इस क्षेत्र का भी विकास हो सके और यहां के लोगों को प्राथमिकता मिल सके।
