मंडी/परी शर्मा- हिमाचल प्रदेश में अधिकतर प्रशसनिक व अन्य वाहनो पर अवैध तौर पर बहुरंगी बतियों व पदनामो का दुरूपयोग हो रहा है। मंडी जिला सहित प्रदेश भर मे आपदा प्रबंधन की आड़ मे उच्च प्रसाशनिक अधिकारियों ने उपमण्डल अधिकारियों व अन्य को बहुरंगी बतियों वाहनो पर लगाए जाने की खुली छुट दे रखी है। वही इसको लेकर समाजिक कार्यकर्ता अश्वनी सैनी ने उच्च न्यायलय सहित मुख्यमन्त्री को शिकायत भेजी है।
प्रसाशनिक वाहनो पर बहुरंगी बतियो का दुरूपयोग
पिछले लम्बे समय से हिमाचल प्रदेश में अधिकतर प्रशसनिक व अन्य वाहनो पर अवैध तौर पर बहुरंगी बतियों व पदनामो का अंधाधुंध दुरूपयोग हो रहा है जो कि कानून व सरकारी आदेशों की उल्घन्ना है। वही राज्य व केंद्र सरकार की वीआईपी कल्चर खत्म करने की मुहिम को भी झटका है। मंडी जिला सहित प्रदेश भर मे आपदा प्रबंधन की आड़ मे उच्च प्रसाशनिक अधिकारियों ने उपमण्डल अधिकारियों व अन्य को बहुरंगी बतियों वाहनो पर लगाए जाने की खुली छुट दे रखी है । वही अधिकारियों द्वारा वाहनो पर सरकारी वाहन के स्थान पर पदनाम अंकित करवा रखे है। बाहरी राज्यो से आने वाले खास व अप्रोची लोगो को स्टेट गेस्ट की तरह व विशेष तवज्जो दी जा रही है। उन्हे पुलिस एस्कॉर्ट वाहनो के अलावा उनके टैक्सी वाहनो पर भी मल्टी कलर बतिया लगाने की अनुमति दी जा रही है। जो कि वीआईपी कल्चर खत्म करने की मुहिम पर कड़ा प्रहार है और आमजन के लिए असुविधा जनक है।
दो वर्ष पूर्व कोरोना काल से लेकर हाल ही मे हुए विधानसभा चुनावो मे आचार सहिता के दौर में भी वाहनों पर मल्टी कलर बतियो का दुरुपयोग उच्च अधिकारियों की नाक तले धड़ल्ले से जारी है जो आज भी जारी है। सुंदरनगर से सामाजिक कार्यकर्ता अश्वनी सैनी ने उच्च न्यायलय सहित मुख्यमन्त्री को इस बारे में शिकायत भेजी है।
