विकास शर्मा,चिंतपूर्णी: वैसे तो माना जाता है कि भगवान के दरबार में कोई छोटा बड़ा नहीं होता और भगवान सब पर अपनी एक समान कृपा रखते हैं और सभी को एक समान मानते हैं लेकिन प्रदेश के सबसे अमीर मंदिर शक्तिपीठ मां चिंतपूर्णी के दरबार में सभी श्रद्धालु एक समान नहीं हैं। यहां माता के दर्शन करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की श्रेणियों में भी भेदभाव हैं। यह बात है हम ऐसे ही नहीं कह रहे हैं बल्कि मां चिंतपूर्णी के दरबार में दर्शनों के लिए की गई नई व्यवस्था इसी और इशारा कर रही हैं।
प्रसिद्ध शक्तिपीठ का मां चिंतपूर्णी के दरबार में अगर आपको भी वीवीआईपी दर्शन करने हैं तो उसके लिए आपको 11 सौ रुपए चुकाने होंगे।वीआईपी श्रद्धालुओं के लिए मंदिर न्यास की ओर से नई पारदर्शी व्यवस्था सुगम दर्शन प्रणाली लागू कर दी गई हैं। व्यवस्था का फायदा मंदिर न्यास को आय बढ़ाने के रूप में होगा और श्रद्धालुओं को इस व्यवस्था में दर्शन करने के लिए अपनी जेब ढीली करनी होगी। इस व्यवस्था के तहत वीवीआईपी श्रद्धालुओं को 1100 रुपए की पर्ची कटानी होगी जिसमें 5 श्रद्धालु माता के दरबार में हाजिरी भर सकेंगे।
इसके अलावा दूसरी कैटेगरी में 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को एक अटेंडेंट के साथ 50 रुपये दर्शनों के लिए देने होंगे। इसके साथ ही तीसरी कैटेगरी में दिव्यांगों को एक अटेंडेंट के साथ 50 रुपये देने होंगे।
हैरानी की बात यहां है कि जहां वीवीआईपी दर्शनों के लिए 1100 सौ रुपये की पर्ची कटेगी और अन्य लोगों को दर्शनों के लिए 50 रुपये देने होंगे तो चौथी कैटेगरी में माननीयों जिसमें मंत्री, विधायकों और सांसद शामिल है उन्हें वीआईपी दर्शन पूरी तरह निशुल्क होगा। इस बात की पुष्टि एसडीएम विवेक महाजन ने की हैं।
उन्होंने बताया कि मंगलवार से यह व्यवस्था लागू कर दी गई हैं। अभी इसे ट्रायल के तौर पर शुरू किया गया है। 1 दिन में सिर्फ 500 पास बनाकर वीवीआईपी दर्शन करने की अनुमति दी जाएगी ताकि पंक्ति व्यवस्था प्रभावित ना हो। इसके अलावा उन्होंने कहा वीवीआईपी श्रद्धालुओं को मंदिर न्यास की ओर से बाबा श्री माई दास सदन में बने वेटिंग हॉल में बैठने की व्यवस्था की गई है और वहां से इलेक्ट्रिक गोल्फ कार्ट के माध्यम से मंदिर की लिफ्ट तक ले जाया जाएगा और वहां लिफ्ट के माध्यम से दर्शन करवाएं जाएंगे।
