कुल्लू:मनमिंदर अरोड़ा (TSN)-विश्व की सबसे कठिन रैली मानी जाने वाली यूएई के अबू धाबी डेजर्ट चैलेंज को कुल्लू के हैप्पी वर्मा ने पूरा किया है। दावा है कि इस डेजर्ट चैलेंज को पूरा करने वाले हैप्पी वर्मा उत्तर भारत से इकलौते भारतीय हैं। आज तक उतर भारत से कोई भी इस चैलेंज को पूरा नहीं कर पाया है। हालांकि, डेजर्ट चैलेंज में भारत के कुल तीन प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। जिला कुल्लू के अखाड़ा बाजार के रहने वाले हैप्पी ने दुबई के अबू धाबी में आयोजित डेजर्ट रैली को पूरा कर भारत का नाम रोशन किया है।
हैप्पी उत्तरी भारत से एकमात्र युवा थे जिन्होंने अबू धाबी में इस डेजर्ट रैली में भाग लिया है। ऐसे में अब राइडर हैप्पी ने प्रदेश सरकार से भी मांग रखी है कि हिमाचल के अलावा उत्तरी भारत में भी कहीं ऐसे राइडर है जो इस रैली को पूरा करने की क्षमता रखते हैं। लेकिन सरकार के द्वारा उनके लिए विशेष रूप से प्रशिक्षण के व्यवस्था की जानी चाहिए।
उत्तरी भारत के राइडर को प्रशिक्षण की व्यवस्था दे सरकार
ढालपुर में पत्रकारों को जानकारी देते हुए राइडर हैप्पी ने बताया कि यह डेजर्ट रैली दुनिया के सबसे खतरनाक सेंड डेजर्ट रैली के रूप में जानी जाती है और इसे पूरा करना काफी मुश्किल भरा काम है। ऐसे में उन्होंने इस डेजर्ट रैली के दूसरे भाग में हिस्सा लिया और इसमें वह 25वें नंबर में पूरा करने में सफल रहे हैं। उन्होंने बताया कि रेत के समंदर में यह रैली 2146 किलोमीटर तिथि और 5 दिन के भीतर इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। जिसे उन्होंने पार किया है। उन्होंने बताया कि पूरे भारत से मात्र तीन युवाओं ने इस रैली में भाग लिया। जिसमें एक केरल और एक राइडर नागपुर से था। ऐसे में उन्होंने इस रैली को तय समय में पूरा कर भारत का नाम अब विश्व स्तर पर रोशन किया है। राइडर हैप्पी ने बताया कि इससे पहले उन्होंने हिमाचल में रेड द हिमालयन रैली में भी भाग लिया था और उसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय स्तरीय रैली में भी हिस्सा लेकर उसे पूरा किया था। जिसके बाद उन्होंने अबू धाबी में आयोजित होने वाली रैली के लिए आवेदन किया था। ऐसे में अब उन्होंने इस रैली को भी पार किया है। अब प्रदेश सरकार व उत्तरी भारत के अन्य राज्यों की सरकार को चाहिए कि जिस तरह से डेजर्ट रैली के लिए भारत के दक्षिणी इलाकों में सरकार के द्वारा कोच की व्यवस्था की जाती है। इस तरह की व्यवस्था हिमाचल व उत्तरी भारत के राज्यों के लिए भी की जानी चाहिए। ताकि यहां के राइडर भी इस तरह की डेजर्ट रैली व अंतरराष्ट्रीय रेलिया में अपने प्रतिभा का बेहतर प्रदर्शन कर सके।
