शिमला | उत्तर भारत सहित हिमाचल प्रदेश में इस समय मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। लगातार सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के चलते पर्वतीय राज्यों में तेज बारिश, ओलावृष्टि और तूफान की घटनाएं बढ़ गई हैं। मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए भारी वर्षा और भूस्खलन की चेतावनी भी जारी की है।
हीट वेव को रोका, बढ़ाई नमी और बारिश
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की गतिविधियां अब उत्तर-पश्चिमी भारत से लेकर उत्तरी अरब सागर तक फैल चुकी हैं, जिससे क्षेत्र में अधिक नमी आ रही है। इसका असर यह है कि हीट वेव जैसी स्थितियां फिलहाल टली हुई हैं, लेकिन बारिश और तूफान के खतरे बढ़े हैं।
मई के पहले सप्ताह तक मौसम रहेगा अस्थिर
जानकारों का कहना है कि मई के पहले सप्ताह तक इस तरह की मौसमीय अस्थिरता बनी रह सकती है। हाल ही में हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में भारी बारिश, तूफान और ओलावृष्टि से बाढ़ और भूस्खलन जैसी घटनाएं सामने आईं, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ।
जलवायु परिवर्तन का बढ़ता प्रभाव
एक हालिया अध्ययन के मुताबिक, 1950 से 2020 के बीच हिंद महासागर की सतह का तापमान 1.2 डिग्री सेल्सियस प्रति शताब्दी की दर से बढ़ा है। अनुमान है कि 2020 से 2100 के बीच यह वृद्धि और तेज होकर 1.7 से 3.8 डिग्री सेल्सियस प्रति शताब्दी हो सकती है, जिससे भविष्य में मौसम और अधिक उग्र हो सकता है।
