शिमला | हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पावर कॉर्पोरेशन के पूर्व प्रबंध निदेशक हरिकेश मीणा को चीफ इंजीनियर विमल नेगी की रहस्यमयी मृत्यु से जुड़े मामले में मिली अंतरिम राहत की अवधि 15 मई तक बढ़ा दी है। हाईकोर्ट ने 7 अप्रैल को उन्हें अंतरिम राहत प्रदान करते हुए जांच एजेंसियों को उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई न करने के निर्देश दिए थे।
कोर्ट में पेश हुई अनुपूरक स्टेटस रिपोर्ट
न्यायमूर्ति विरेंद्र सिंह की एकल पीठ में हुई सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी ने मामले की अनुपूरक स्टेटस रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत की। इस पर विचार करते हुए न्यायालय ने मामले को अगली सुनवाई के लिए 15 मई को सूचीबद्ध करने के आदेश दिए।
झील में मिला था शव, पत्नी ने लगाए थे प्रताड़ना के आरोप
बता दें कि एचपीपीसीएल के चीफ इंजीनियर विमल नेगी, जो 10 मार्च से लापता थे, उनका शव 18 मार्च को बिलासपुर स्थित गोबिंदसागर झील में मिला था। विमल नेगी की पत्नी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूर्व एमडी हरिकेश मीणा, निदेशक देसराज, और अन्य अधिकारियों पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया था। इस शिकायत के आधार पर न्यू शिमला पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें हरिकेश मीणा और देसराज को आरोपी बनाया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच जारी है।
