Dharamshala, Rahul –आशा वर्कर्स को चार महीने से वेतन नहीं मिला है, जिससे उनका घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। भारतीय मजदूर संघ से संबंधित आशा वर्कर यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि सितंबर माह के अंत तक लंबित वेतन का भुगतान नहीं किया गया, तो अक्टूबर से काम छोड़कर धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
सोमवार को धर्मशाला में यूनियन की जिला स्तरीय बैठक प्रदेशाध्यक्ष मदन राणा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में समस्याओं पर चर्चा के बाद जिला प्रशासन के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन भी भेजा गया।यूनियन की जिलाध्यक्ष सरला राणा और जिला सचिव विम्पी देवी ने कहा कि आशा वर्कर्स से सुबह से शाम तक काम लिया जाता है, रविवार को भी छुट्टी नहीं दी जाती। इसके बावजूद चार माह से वेतन नहीं मिला है। अन्य विभागों के कर्मचारियों को समय पर वेतन दिया जाता है, जबकि आशा वर्कर्स को कभी टुकड़ों में, तो कभी लंबे इंतजार के बाद भुगतान किया जाता है।उन्होंने साफ कहा कि इस बार सरकार को लंबित वेतन एकमुश्त जारी करना होगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो अक्टूबर के पहले सप्ताह से सभी आशा वर्कर्स काम छोड़ने को मजबूर होंगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।गौरतलब है कि प्रदेश में करीब 18 हजार और जिला कांगड़ा में लगभग 8 हजार आशा वर्कर्स विभिन्न स्वास्थ्य एवं सामाजिक कार्यक्रमों में सेवाएं दे रही हैं।
