Hamirpur, Arvind-:आईजीएमसी शिमला में सामने आए मारपीट के मामले को लेकर रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन (आरडीए) ने एकतरफा जांच और कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। इसी के विरोध में शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के रेजिडेंट डॉक्टरों ने काले बिल्ले लगाकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया।
सुबह के समय डॉक्टरों ने प्रिंसिपल ऑफिस के बाहर परिसर में गेट मीटिंग आयोजित की, जिसके बाद काले बिल्ले पहनकर ओपीडी में मरीजों को अपनी सेवाएं दीं। आरडीए का कहना है कि वायरल वीडियो में घटना का केवल एक पक्ष ही सामने आया है और उसी के आधार पर संबंधित डॉक्टर का टर्मिनेशन कर दिया गया, जो न्यायसंगत नहीं है।आरडीए ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार का निर्णय लेने से पहले दोनों पक्षों की निष्पक्ष और गहन जांच होनी चाहिए थी। आंतरिक जांच के बिना सीधे टर्मिनेशन का फैसला करना उचित नहीं है। एसोसिएशन ने इसे एकतरफा और जल्दबाजी में लिया गया निर्णय बताया है।
आरडीए हमीरपुर के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि आईजीएमसी शिमला में हुए प्रकरण की निष्पक्ष जांच जरूरी है। वायरल वीडियो में केवल एक पक्ष को दिखाया गया है, जिससे सच्चाई पूरी तरह सामने नहीं आती। उन्होंने कहा कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं की गई तो स्टेट आरडीए जो भी निर्णय लेगा, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।डॉक्टरों ने यह भी स्पष्ट किया कि विरोध के बावजूद मरीजों की सेवाएं प्रभावित नहीं होने दी गईं और काले बिल्ले लगाकर अपनी ड्यूटी निभाई गई।
