ऊना, राकेश -:हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को जिला ऊना के रायपुर सहोड़ा (मैहतपुर) स्थित इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के एलपीजी बॉटलिंग प्लांट में मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान आपातकालीन स्थिति का परिदृश्य बनाकर राहत एवं बचाव कार्यों की त्वरित प्रतिक्रिया, विभिन्न विभागों के समन्वय और उपलब्ध संसाधनों की प्रभावशीलता को परखा गया।
मॉक ड्रिल के माध्यम से आपदा प्रबंधन से जुड़े तकनीकी और प्रशासनिक प्रबंधों का भी परीक्षण किया गया। एसडीएम ऊना अभिषेक मित्तल ने बताया कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपदा की स्थिति में जिला प्रशासन की आपातकालीन प्रतिक्रिया योजना और मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का मूल्यांकन करना था।उन्होंने बताया कि इस अभ्यास के दौरान प्रतिक्रिया में लगने वाले समय, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय में संभावित कमियों और फील्ड स्तर पर आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों की पहचान की गई, ताकि भविष्य में सुधार कर आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके।
मॉक ड्रिल के तहत सुबह करीब 11 बजे आईओसीएल प्लांट में एलपीजी सिलेंडरों से भरे एक ट्रक के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ऊना को दी गई। सूचना मिलते ही सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को तुरंत अलर्ट किया गया। आईओसीएल प्रतिनिधियों ने इसे लेवल-3 की अग्नि दुर्घटना मानते हुए पांच लोगों के गंभीर रूप से घायल होने का परिदृश्य तैयार किया।घायलों को मौके पर प्राथमिक उपचार देने के बाद एंबुलेंस के माध्यम से क्षेत्रीय अस्पताल ऊना भेजा गया। इस दौरान स्टेजिंग एरिया, प्लानिंग और लॉजिस्टिक पोस्ट की स्थापना, रेस्क्यू ऑपरेशन, मौके पर चिकित्सा सहायता और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया का विस्तार से अभ्यास किया गया।अधिकारियों के अनुसार इस तरह की मॉक ड्रिल से औद्योगिक क्षेत्रों में संभावित गैस रिसाव या आग जैसी घटनाओं से निपटने के लिए विभागों की तैयारियों को परखने और आपदा प्रबंधन प्रणाली को मजबूत बनाने में मदद मिलती है।
