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Reading: पर्यटन निगम के निजीकरण फैसले के खिलाफ कर्मचारियों का प्रदर्शन तेज
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पर्यटन निगम के निजीकरण फैसले के खिलाफ कर्मचारियों का प्रदर्शन तेज

Chandrika
Chandrika 2 Min Read
Updated 2026/03/18 at 10:48 PM
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शिमला, संजू -:हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (HPTDC) के कर्मचारियों ने निगम की इकाइयों को निजी हाथों में सौंपने के प्रस्ताव के विरोध में अपनी आवाज़ और बुलंद कर दी है। कर्मचारी संघ ने इस फैसले को कर्मचारियों के हितों और प्रदेश के पर्यटन ढांचे के लिए नुकसानदायक बताते हुए विधानसभा सत्र के दौरान काले बिल्ले पहनकर शांतिपूर्ण विरोध शुरू कर दिया है।
संघ के अनुसार, सरकार द्वारा निगम की कुछ इकाइयों को ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (O&M) आधार पर निजी क्षेत्र को देने की योजना बनाई गई है। शुरुआत में 14 इकाइयों को इस प्रक्रिया में शामिल करने की बात कही गई थी, लेकिन कर्मचारियों के विरोध के बाद इसे घटाकर 8 कर दिया गया। हालांकि, कर्मचारियों का आरोप है कि अब इन इकाइयों में कई ऐसी संपत्तियां भी शामिल हैं जो वर्तमान में अच्छा मुनाफा दे रही हैं, जबकि पहले आश्वासन दिया गया था कि केवल घाटे में चल रही इकाइयों पर ही विचार किया जाएगा।
कर्मचारी संघ ने यह भी दावा किया है कि पिछले कुछ वर्षों में प्राकृतिक आपदाओं और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद निगम ने 100 करोड़ रुपये से अधिक का लाभ अर्जित किया है। इसके साथ ही, निगम सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाया भुगतान भी न्यायालय के निर्देशों के अनुसार कर रहा है। बावजूद इसके, राज्य सरकार से मांगी गई लगभग 50 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता अब तक लंबित है।
संघ का कहना है कि पर्यटन निगम राज्य के वीआईपी और अन्य महत्वपूर्ण मेहमानों की मेजबानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में इकाइयों का निजीकरण न केवल कर्मचारियों के भविष्य को प्रभावित करेगा, बल्कि युवाओं के रोजगार के अवसर भी कम कर सकता है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने अपना निर्णय वापस नहीं लिया, तो विरोध और तेज किया जाएगा।
TAGGED: Shimla HPTDC Demonstration of employees
Chandrika March 18, 2026
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