शिमला-: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को शिमला जिले के प्रसिद्ध हाटू माता मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। इस दौरान उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश अपनी समृद्ध देव संस्कृति और धार्मिक आस्था के लिए विश्वभर में पहचान रखता है तथा राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने बताया कि ढली-नारकंडा-रामपुर सड़क को फोरलेन राजमार्ग के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है और इसके लिए सर्वेक्षण कार्य पूरा कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि परियोजना में सुरंग निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे भूस्खलन की घटनाओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकेगा और यात्रियों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हाटू माता रोपवे परियोजना को साकार करने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। इस परियोजना को नाबार्ड के तहत प्रस्तावित किया गया है। उन्होंने बताया कि परियोजना को पूरा होने में लगभग तीन से चार वर्ष का समय लग सकता है, लेकिन सरकार इसे प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि हाटू माता सड़क के सुधार एवं सुदृढ़ीकरण के लिए धनराशि स्वीकृत कर दी गई है। विकास कार्यों के दौरान पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पेड़ों की कटाई को न्यूनतम रखने का प्रयास किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
मुख्यमंत्री ने निर्विरोध निर्वाचित नारकंडा नगर पंचायत के लिए 50 लाख रुपये की विशेष अनुदान राशि देने की घोषणा भी की। इस अवसर पर नारकंडा के नवनिर्वाचित पंचायती राज प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।कार्यक्रम में विधायक कुलदीप राठौर, देहरा से विधायक एवं मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर, हिमाचल प्रदेश वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची, हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवेन्द्र श्याम, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
